समाज जागरण पटना जिला संवाददाता:- वेद प्रकाश
पटना/ बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने दसवीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद पहली बार अपने पैतृक गांव कल्याण बिगहा का दौरा किया। यह यात्रा उनके लिए भावनात्मक रूप से बेहद विशेष रही क्योंकि वे अपने पिता, माता और धर्मपत्नी की पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि देने पहुंचे थे। अपने पैतृक गांव पहुंचकर उन्होंने परिजनों एवं ग्रामीणों से मुलाकात की और स्थानीय जनजीवन से जुड़ी समस्याओं को भी सुना। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अपने पिता, अमर स्वतंत्रता सेनानी स्वर्गीय कविराज रामलखन सिंह की पुण्यतिथि के अवसर पर ‘कविराज रामलखन सिंह स्मृति वाटिका’ पहुंचे। यहां उन्होंने अपने पिता की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया और गहरी भावनाओं के साथ श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री के पिता स्वतंत्रता संग्राम में सक्रिय भूमिका निभाने वाले सम्मानित सेनानी थे, जिनकी स्मृतियों को जीवंत बनाए रखने के उद्देश्य से यह स्मृति स्थल बनाया गया है। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने अपनी माता स्वर्गीय परमेश्वरी देवी और धर्मपत्नी स्वर्गीय मंजू सिन्हा की प्रतिमा पर भी माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए। वे लंबे समय बाद जब इस भावनात्मक स्थान पर पहुंचे तो उनका चेहरा विनम्रता और श्रद्धा की चमक से भरा हुआ दिखा। मुख्यमंत्री के इस दौरे में उनके बड़े भाई सतीश कुमार सहित परिवार के अन्य सदस्य और रिश्तेदार भी मौजूद रहे। सभी ने एक साथ प्रतिमाओं पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि दी। यह अवसर परिवार के लिए भी गहरा भावनात्मक रहा। इस मौके पर कई जनप्रतिनिधि और राजनीतिक हस्तियां भी मुख्यमंत्री के साथ मौजूद रहीं। इनमें सांसद कौशलेन्द्र कुमार, विधायक कृष्णा मुरारी शरण, विधायक जितेंद्र कुमार, विधायक कौशल किशोर, विधायक रूहेल रंजन, विधान पार्षद संजय कुमार सिंह उर्फ गांधी जी, विधान पार्षद ललन सर्राफ, जदयू के राष्ट्रीय महासचिव मनीष कुमार वर्मा और पूर्व विधायक ई. सुनील कुमार शामिल थे। इसके अलावा मुख्यमंत्री के सचिव कुमार रवि और डॉ. चन्द्रशेखर सिंह, पटना प्रक्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक जितेन्द्र राणा, पटना और नालंदा के जिलाधिकारी तथा नालंदा पुलिस अधीक्षक भारत सोनी भी उपस्थित रहे। इन सभी ने स्वतंत्रता सेनानी स्वर्गीय रामलखन सिंह तथा मुख्यमंत्री के पारिवारिक सदस्यों की प्रतिमाओं पर पुष्पांजलि अर्पित कर सम्मान व्यक्त किया।श्रद्धांजलि समारोह के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अपने पैतृक गांव के भगवती मंदिर (देवी स्थान) पहुंचे। यहां उन्होंने विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और गांव की भलाई के लिए आशीर्वाद मांगा। पूजा के उपरांत वे अपने पैतृक घर के पास स्थित तालाब पर गए, जहाँ उन्होंने परंपरा के अनुसार मछलियों को दाना खिलाया। यह उनके लिए वर्षों से चली आ रही एक सांस्कृतिक परंपरा का हिस्सा है। मुख्यमंत्री को अपने बीच पाकर कल्याण बिगहा गांव के लोग अत्यंत खुश नजर आए। मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों से बातचीत की, उनका हालचाल जाना और उनकी समस्याओं को ध्यान से सुना। ग्रामीणों ने क्षेत्र में सड़क, पानी, स्वास्थ्य सुविधाओं और अन्य आवश्यक सेवाओं को लेकर अपनी मांगें और सुझाव रखे। मुख्यमंत्री ने इन समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए साथ आए अधिकारियों को तुरंत कार्रवाई करने के निर्देश दिए। अपने दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों के साथ भी बातचीत की और गांव तथा क्षेत्र के विकास से जुड़े मुद्दों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि ग्रामीणों की जरूरतों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए और सभी लंबित कार्यों को समय पर निपटाया जाए।



