समाज जागरण पटना जिला संवाददाता:- वेद प्रकाश
पटना/ जिले के बिहटा में शुक्रवार को सीएम नीतीश कुमार ने राज्य आपदा प्रबंधन विभाग के नए मुख्यालय भवन का उद्घाटन किया। यह अवसर विभाग और जवानों दोनों के लिए ऐतिहासिक साबित हुआ क्योंकि लंबे समय से एक आधुनिक और सुसज्जित मुख्यालय की आवश्यकता महसूस की जा रही थी। उद्घाटन समारोह सुबह 10:30 बजे आयोजित हुआ, जिसमें प्रदेश सरकार के कई वरिष्ठ मंत्री और अधिकारी मौजूद रहे। उद्घाटन के दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, विजय कुमार सिन्हा, भवन निर्माण मंत्री जयंत राज और आपदा प्रबंधन मंत्री विजय कुमार मंडल मौजूद थे। इसके अलावा विभाग के कई आला अधिकारियों ने भी कार्यक्रम में शिरकत की। इस कार्यक्रम की गरिमा इस वजह से भी बढ़ गई क्योंकि यह राज्य के सुरक्षा और आपदा प्रबंधन तंत्र के लिए एक महत्वपूर्ण कदम था। बिहटा में बने इस नए एसडीआरएफ मुख्यालय भवन पर लगभग 300 करोड़ रुपए की लागत आई है। यह अत्याधुनिक भवन न केवल जवानों के रहने की सुविधा देगा बल्कि उन्हें आधुनिक तकनीकों से लैस प्रशिक्षण भी प्रदान करेगा। भवन निर्माण विभाग ने इस परियोजना को पिछले दो वर्षों में तैयार किया और आज इसका उद्घाटन कर इसे औपचारिक रूप से जवानों को समर्पित कर दिया गया।
नए मुख्यालय भवन में एसडीआरएफ जवानों के लिए आधुनिक सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा गया है। परिसर में प्रशिक्षण के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं। डीप डाइविंग और आपदा से जुड़ी अन्य गतिविधियों के लिए भी यहां उच्च स्तरीय व्यवस्था उपलब्ध कराई गई है। इससे जवानों को अब दूसरे राज्यों में जाकर प्रशिक्षण लेने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। अब तक एसडीआरएफ के जवानों को प्रशिक्षण के लिए बाहर जाना पड़ता था, जिससे समय और संसाधनों की खपत होती थी। इस नए मुख्यालय के बन जाने के बाद जवानों को प्रशिक्षण, आवास और आवश्यक उपकरण एक ही जगह उपलब्ध होंगे। इससे उनकी कार्यक्षमता में भी वृद्धि होगी और राज्य का आपदा प्रबंधन तंत्र और अधिक सुदृढ़ होगा। एसडीआरएफ कमांडेंट राजेश कुमार ने बताया कि इस भवन की कमी लंबे समय से महसूस की जा रही थी। जवानों को रहने और प्रशिक्षण दोनों ही स्तरों पर कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। नए भवन के उद्घाटन से अब जवानों को आवश्यक सभी सुविधाएं उपलब्ध होंगी और वे किसी भी आपदा की स्थिति में और बेहतर तरीके से काम कर सकेंगे।मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भवन का उद्घाटन करने के बाद पूरे परिसर का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों से सुविधाओं और व्यवस्थाओं के बारे में जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने साफ शब्दों में कहा कि भवन की सभी सुविधाओं का पूर्ण उपयोग सुनिश्चित किया जाए और जवानों के प्रशिक्षण में किसी प्रकार की कमी न रहने पाए। उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि प्रशिक्षण कार्यक्रमों को और अधिक प्रभावी और उपयोगी बनाया जाए।



