बैरिकेड से टकराकर दो व्यापारी गंभीर घायल, नगर परिषद की कार्यशैली पर उठे सवाल
वीरेंद्र चौहान, समाज जागरण ब्यूरो किशनगंज।
15 मार्च।शहर के व्यस्त डे मार्केट–हॉस्पिटल रोड पर सड़क चौड़ीकरण कार्य अधूरा रहने के बावजूद नगर परिषद द्वारा बीच सड़क में लगाए गए लोहे के डिवाइडर और बैरिकेड अब लगातार हादसों की वजह बनते जा रहे हैं। बिना सड़क चौड़ीकरण पूरा किए ही डिवाइडर लगाने के निर्णय को लेकर स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी है और इसे नगर परिषद की गंभीर लापरवाही बताया जा रहा है।
गुरुवार रात हॉस्पिटल रोड स्थित शीतला मंदिर के पास हुए एक सड़क हादसे में दो स्थानीय व्यापारी गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों की पहचान संजय सिंह और दीपक शर्मा के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार दोनों व्यापारी थार वाहन से अपने घर लौट रहे थे। इसी दौरान सड़क चौड़ीकरण कार्य के तहत लगाए गए लोहे के बैरिकेड से उनका वाहन टकरा गया, जिससे वाहन अनियंत्रित होकर दुर्घटनाग्रस्त हो गया।
घटना के बाद स्थानीय लोगों की मदद से दोनों घायलों को तत्काल एमजीएम मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में भर्ती कराया गया। चिकित्सकों के अनुसार संजय सिंह की हालत फिलहाल स्थिर है, जबकि दीपक शर्मा के गले में गंभीर चोट लगने के कारण उनकी स्थिति नाजुक बनी हुई है। बेहतर इलाज के लिए उन्हें सिलीगुड़ी रेफर किया गया है।
स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि नगर परिषद ने सड़क चौड़ीकरण का काम अधूरा छोड़कर जल्दबाजी में बीच सड़क में लोहे की रेलिंग और बैरिकेड लगा दिए, जिससे सड़क और संकरी हो गई है। सड़क के दोनों किनारों को जेसीबी से खोद देने के कारण पहले ही आवागमन प्रभावित है, ऊपर से बीच सड़क में डिवाइडर लगा देने से दुर्घटनाओं का खतरा कई गुना बढ़ गया है।
डे मार्केट के दुकानदारों ने भी इसे लेकर नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि अधूरे निर्माण और अव्यवस्थित योजना के कारण ग्राहकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पार्किंग की समुचित व्यवस्था नहीं होने से लोग सड़क पर ही वाहन खड़ा कर देते हैं, जिससे रोजाना जाम की स्थिति बन जाती है और व्यापार प्रभावित हो रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि डिवाइडर लगाए जाने के समय भी इसका विरोध किया गया था, लेकिन नगर परिषद ने लोगों की आपत्तियों को नजरअंदाज कर दिया। अब लगातार हो रही दुर्घटनाओं ने नगर परिषद की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
इधर वार्ड पार्षद सह बीस सूत्री उपाध्यक्ष सुशांत गोप के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी विशाल राज से मुलाकात कर लोहे के डिवाइडर को हटाकर वैकल्पिक व्यवस्था करने की मांग करते हुए ज्ञापन सौंपा। स्थानीय लोगों ने यह भी सवाल उठाया है कि बिना समुचित योजना और सड़क चौड़ीकरण पूरा किए डिवाइडर कैसे लगा दिया गया। अब इसे हटाकर प्लास्टिक फ्लैक्सिबल बैरिकेड लगाने की बात की जा रही है, जिससे सरकारी राशि के दुरुपयोग का भी सवाल खड़ा हो गया है।
जिलाधिकारी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।



