दैनिक समाज जागरण अनील कुमार संवाददाता नबीनगर (औरंगाबाद)
नबीनगर (बिहार) नबीनगर प्रखंड क्षेत्र में पिछले 24 घंटे से गायब बिजली आते ही लोगों को धोखा देते हुए आंख मिचौली का खेल खेल रही है। बिजली आपूर्ति बाधित रहने से इलाके में जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। संचार ब्यवस्था, पेयजल आपूर्ति, बच्चों का पठन-पाठन तो ठप हो ही गया है शाम होते ही पुरे इलाका अंधेरे में डुब जा रहा है। कहने को नबीनगर में दो बड़ी बिजली परियोजना है जहां लगभग 3000 मेगावाट बिजली उत्पादन हो रहा है लेकिन कहावत ये सच हो रहा है कि चिराग तले अंधेरा ।बताते चलें कि बुधवार को दिन में अचानक आए आंधी के बाद से बिजली आपूर्ति 24 घंटे तक ठप्प पड़ गया।आंधी तो महज एक बहाना है। यदि बिजली विभाग निर्वाध गति से बिजली आपूर्ति करना चाहती तो यह स्थिति उत्पन्न होने का कोई सवाल ही नही होता। आलम यह है कि शहरी क्षेत्रों सहित ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली के खंभा और तार वर्षों पुरानी है और अत्यंत जर्जर स्थिति में है।24 घंटे मे 22 से 23 घंटे तक बिजली आपूर्ति करने का दावा करने वाला बिजली विभाग कभी भी बिजली ब्यवस्था के प्रति गंभीर नहीं रहा। यदि गंभीर रहता तो समय पूर्व जर्जर खंभा और तार को बदल दिया होता। आंधी पानी तो महज एक बहाना है। इधर गर्मी का मौसम आते ही बिजली रानी द्वारा कई दिनों से लो वोल्टेज और आंख मिचौली का खेल जारी है।वहीं आज गुरुवार को दोपहर में भी तेज आंधी आई है और आंधी आते ही बिजली रानी गायब हो गई।अब देखना ये है कि कितने घंटों के बाद बिजली आएगी।
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