अयोध्या के लिए आज का दिन बेहद खास है. PM मोदी आज अयोध्या दौरे पर है. राम नगरी को स्मार्ट सिटी बनाने के लिए PM मोदी 15,700 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करने के लिए पहुंचे हैं. मास्टर प्लान 2031 के अनुसार अयोध्या का पुनर्विकास 85000 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश के साथ 10 वर्षों में पूरा किया जाएगा ताकि उद्घाटन के बाद लगभग 3 लाख लोगों के रोजाना की आवश्यकता को पूरा किया जा सके. शहर को इंटरनेशनल टूरिस्ट स्पॉट बनाने की उम्मीद है, जिसके लिए शहर की आध्यात्मिकता, सांस्कृतिक विरासत संपत्तियों पर भी ध्यान दिया गया है.
योजना में 875 वर्ग किमी के अयोध्या विकास प्राधिकरण क्षेत्र में बुनियादी ढांचे और पर्यटन विकास की पहचान को समाहित किया गया है, जिसमें 133 वर्ग किमी का वर्तमान मास्टर नियोजित शहर क्षेत्र और 31.5 वर्ग किमी का मुख्य शहर शामिल है. वास्तुकार और शहरी योजनाकार दीक्षु कुकरेजा की फर्म ने संपूर्ण अयोध्या के लिए विजन दस्तावेज तैयार किया है, उन्होंने कहा कि डिजाइन विजन में सभी आधुनिक सुविधाएं शामिल हैं जो 21वीं सदी में एक विश्व स्तरीय शहर में होनी चाहिए और साथ ही इस प्राचीन स्थान की संस्कृति को भी बरकरार रखा जाएगा.
TOI की रिपोर्ट के मुताबिक, शहर में एक नई ग्रीनफील्ड टाउनशिप बसाने की भी योजना बनाई जा रही है, जिसमें भक्तों के लिए आवास सुविधाएं, आश्रमों, मठों, होटलों, विभिन्न राज्यों के भवनों के लिए जगह शामिल होगी. इलेक्ट्रानिक्स एवं आईटी मंत्रालय के मुताबिक एक पर्यटक सुविधा केंद्र, एक विश्व स्तरीय संग्रहालय भी बनाया जाएगा. सरयू नदी और उसके घाटों के आसपास बुनियादी ढांचे के विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है. सरयू नदी पर क्रूज संचालन को भी नियमित सुविधा बनाया जाएगा.
अयोध्या में अभी बड़े स्तर पर निर्माण कार्य चल रहा है. वहां की सड़कों को चौड़ा किया जा रहा है और बहुस्तरीय कार पार्क सहित कई बुनियादी ढांचा परियोजनाएं निर्माणाधीन हैं. मंदिरों का नवीनीकरण किया जा रहा है तथा सरयू नदी पर घाटों को बेहतर बनाया जा रहा है. इस तरह शहर के कायापलट से वहां आर्थिक गतिविधियों में तेजी आई है.
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