गाजियाबाद।
राष्ट्रीय लोकदल खेल प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय महासचिव विजय कुमार कौशिक ने फिल्म “घूसखोर पंडित” को समाज को तोड़ने वाली, धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाने वाली और सुनियोजित मानसिकता का परिणाम बताते हुए इसका कड़ा विरोध किया है।
श्री कौशिक ने दो टूक शब्दों में कहा कि यह फिल्म न केवल एक सम्मानित धार्मिक पहचान “पंडित” को अपमानित करती है, बल्कि करोड़ों सनातन आस्था रखने वाले नागरिकों की भावनाओं के साथ खुला खिलवाड़ है। फिल्म का नाम ही यह साबित करता है कि इसके निर्माता समाज में ज़हर घोलने और एक विशेष वर्ग को बदनाम करने की नीयत से काम कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के नाम पर धार्मिक प्रतीकों और पदों को गाली बनाना बेहद शर्मनाक है। यदि आज “पंडित” को निशाना बनाया जा रहा है, तो कल किसी और वर्ग की बारी होगी। यह सिलसिला देश को अराजकता की ओर ले जाने वाला है।
विजय कुमार कौशिक ने चेतावनी दी कि यदि इस फिल्म का नाम तत्काल प्रभाव से नहीं बदला गया और इसके प्रदर्शन पर रोक नहीं लगाई गई, तो प्रदेश से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक उग्र जन आंदोलन किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी फिल्म निर्माताओं और प्रशासन की होगी।
श्री कौशिक ने केंद्र एवं राज्य सरकार से मांग की कि ऐसे समाज-विरोधी कंटेंट पर तुरंत संज्ञान लिया जाए और देश की सामाजिक एवं धार्मिक एकता को नुकसान पहुँचाने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाए।
अब चुप्पी नहीं, सम्मान की लड़ाई लड़ी जाएगी।



