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पटना में अतिक्रमण हटाने के दौरान पुलिस तथा लोगो के बीच झड़प

समाज जागरण पटना जिला संवाददाता:- वेद प्रकाश

पटना/ राजधानी पटना के कंकड़बाग इलाके में मेदांता अस्पताल के समीप सोमवार को चलाए जा रहे अतिक्रमण हटाओ अभियान के दौरान प्रशासनिक टीम और स्थानीय लोगों के बीच तीखी झड़प हो गई। इस दौरान पुलिस पर पथराव किया गया, जिसमें कई पुलिसकर्मी और स्थानीय लोग घायल हो गए। स्थिति को संभालने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल बुलाना पड़ा, जिसके बाद कहीं जाकर हालात पर काबू पाया जा सका। पटना नगर निगम और पुलिस की संयुक्त टीम शहर में चल रहे अतिक्रमण हटाओ अभियान के तहत सोमवार को कंकड़बाग स्थित मेदांता अस्पताल के आसपास पहुंची थी। प्रशासन का कहना था कि सड़क किनारे और सरकारी जमीन पर अवैध रूप से झुग्गी-झोपड़ी बनाकर रहने से यातायात बाधित हो रहा था और आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। इसी वजह से इस इलाके को अभियान के लिए चिह्नित किया गया था।

अभियान की शुरुआत में नगर निगम कर्मियों ने स्थानीय लोगों से अतिक्रमण हटाने की अपील की। मौके पर मौजूद कुछ लोगों ने बताया कि अधिकारियों ने पहले कहा था कि लोग खुद अपनी झुग्गी-झोपड़ी हटा लें। कई परिवारों ने प्रशासन की बात मानते हुए अपने अस्थायी ढांचों को आंशिक रूप से हटाना भी शुरू कर दिया। हालांकि कुछ ही देर बाद जब जेसीबी और अन्य उपकरणों से तोड़फोड़ की प्रक्रिया तेज की गई, तो लोगों में नाराजगी फैल गई। झुग्गी में रहने वाले लोगों का कहना है कि उन्हें हटाने से पहले न तो कोई ठोस सूचना दी गई और न ही पुनर्वास की कोई स्पष्ट योजना बताई गई। कई लोगों ने आरोप लगाया कि वे वर्षों से वहां रह रहे हैं और अचानक इस कार्रवाई से उनके सामने रहने और रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। इसी आक्रोश के चलते लोगों ने प्रशासन का विरोध करना शुरू कर दिया। विरोध के दौरान स्थिति तेजी से तनावपूर्ण हो गई। देखते ही देखते पुलिस और स्थानीय लोगों के बीच नोकझोंक शुरू हो गई, जो बाद में झड़प में बदल गई। आरोप है कि कुछ उपद्रवी तत्वों ने पुलिस टीम पर पथराव शुरू कर दिया। पथराव में कई पुलिसकर्मी घायल हो गए, जबकि कुछ स्थानीय लोगों को भी चोटें आईं। अफरा-तफरी के बीच लोग इधर-उधर भागते नजर आए और इलाके में दहशत का माहौल बन गया।

स्थिति बिगड़ती देख आसपास के थानों से अतिरिक्त पुलिस बल को मौके पर बुलाया गया। भारी संख्या में पुलिस की तैनाती के बाद धीरे-धीरे हालात पर काबू पाया गया। पुलिसकर्मियों और स्थानीय लोगों को नजदीकी अस्पतालों में इलाज के लिए भेजा गया। नगर निगम अधिकारियों का कहना है कि अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई पूरी तरह नियमानुसार की जा रही है। उनके मुताबिक, इस इलाके में अवैध निर्माण की शिकायतें लगातार मिल रही थीं और यातायात व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हो रही थी। निगम का दावा है कि कार्रवाई से पहले लोगों को सूचना दी गई थी। अधिकारियों ने यह भी कहा कि जिन लोगों के पास वैध दस्तावेज होंगे, उनके मामलों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार किया जाएगा। पुलिस ने पथराव और सरकारी कार्य में बाधा डालने के मामले में जांच शुरू कर दी है। कुछ लोगों की पहचान की जा रही है और वीडियो फुटेज के आधार पर उपद्रवियों को चिन्हित किया जा रहा है। पुलिस का कहना है कि दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि झड़प कैसे और किन परिस्थितियों में हिंसक रूप ले गई।


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