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श्रीकृष्ण लीला में कंस वध के साथ रासलीला का भव्य समापन

फूलों की होली में उमड़ी श्रद्धालुओं की भारी भीड़

आदिवासी सुनील त्रिपाठी/ समाज जागरण

चोपन/ सोनभद्र। चोपन बैरियर क्षेत्र में आयोजित रासलीला मंचन के अंतर्गत श्रीकृष्ण लीला के दौरान मंगलवार की रात कंस वध का भव्य एवं भावनात्मक दृश्य प्रस्तुत किया गया। जैसे ही मंच पर भगवान श्रीकृष्ण द्वारा अत्याचारी राजा कंस के वध का दृश्य मंचित हुआ, पूरा पंडाल जय श्रीकृष्ण और हरि बोल के जयघोष से गूंज उठा। कलाकारों की सशक्त अभिनय शैली, प्रभावशाली संवाद अदायगी और पारंपरिक वेशभूषा ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।


इसके पश्चात श्रीकृष्ण लीला के दौरान फूलों की होली का भव्य और मनोहारी आयोजन किया गया। इस अलौकिक दृश्य को देखने और उसमें सहभागी बनने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु, महिलाएं, बच्चे और युवा कार्यक्रम स्थल पर उमड़ पड़े।
जैसे ही मंच पर भगवान श्रीकृष्ण एवं गोपियों द्वारा फूलों की होली का दृश्य प्रस्तुत किया गया, पूरा पंडाल भक्ति और उल्लास के रंग में रंग गया। गुलाब, गेंदा सहित अन्य सुगंधित फूलों की वर्षा से वातावरण भक्तिमय हो उठा। राधे-राधे और जय श्रीकृष्ण के जयघोष से पूरा क्षेत्र गूंजता रहा।


कलाकारों की सजीव प्रस्तुति, मधुर भजनों और पारंपरिक वेशभूषा ने दर्शकों को भाव-विभोर कर दिया। श्रद्धालुओं ने फूलों की होली खेलकर इस पावन अवसर को यादगार बना लिया। इस विशेष मंचन को देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु, महिलाएं, बच्चे और युवा देर दोपहर से ही शाम तक कार्यक्रम स्थल पर जुटने लगे।
कार्यक्रम के दौरान श्रद्धालुओं ने भक्ति भाव से तालियां बजाकर कलाकारों का उत्साहवर्धन किया। आयोजन समिति द्वारा बेहतर प्रकाश व्यवस्था, साउंड सिस्टम और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे, जिससे कार्यक्रम शांतिपूर्ण एवं व्यवस्थित रूप से संपन्न हुआ।


स्थानीय लोगों का कहना है कि श्रीकृष्ण लीला का मंचन न केवल धार्मिक आस्था को मजबूत करता है, बल्कि नई पीढ़ी को सनातन संस्कृति और भगवान श्रीकृष्ण के आदर्शों से जोड़ने का महत्वपूर्ण कार्य भी करता है। आयोजन समिति के अध्यक्ष राजेश साहनी ने कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी क्षेत्रवासियों एवं श्रद्धालुओं के प्रति आभार व्यक्त किया।
स्थानीय लोगों का कहना है कि श्रीकृष्ण लीला का मंचन न केवल धार्मिक आस्था को सुदृढ़ करता है, बल्कि नई पीढ़ी को सनातन संस्कृति और भगवान श्रीकृष्ण के आदर्शों से जोड़ने का महत्वपूर्ण कार्य भी करता है। आयोजन समिति के अध्यक्ष राजेश साहनी, नरसिंह त्रिपाठी, जनार्दन बैसवार, श्याम सुंदर निषाद, सुनील सिंह, गुड्डू मिश्रा, संजीव त्रिपाठी, पवन अग्रवाल, प्रदीप अग्रवाल, संजय केसरी, अजय सिंह, चंद्रमणि केशरी, संदीप जायसवाल, राकेश मोदनवाल, विनोद साहनी, सुरेंद्र पांडे, कमलेश विश्वकर्मा, बृजेश मोदनवाल, प्रमोद मोदनवाल, महेंद्र निषाद, राम सुंदर साहनी एवं सुजीत शर्मा ने कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी क्षेत्रवासियों और श्रद्धालुओं के प्रति आभार व्यक्त किया।


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