*बचाव पक्ष के अधिवक्ताओं ने अदालत में रखे कानूनी तर्क।
समाज जागरण अनिल कुमार
हरहुआ वाराणसी। चोलापुर थाना क्षेत्र से जुड़े अपहरण एवं पाक्सो एक्ट के मामले में विशेष न्यायाधीश (पाक्सो एक्ट)/अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश नितिन पाण्डेय (एचजेएस) की अदालत ने आरोपी गिरीश कन्नौजिया की जमानत अर्जी मंजूर कर ली। बचाव पक्ष की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता कमलाकांत त्रिपाठी और अधिवक्ता प्रिंस चौबे ने पैरवी की।
बचाव पक्ष ने अदालत में दलील दी कि कथित घटना 11 सितंबर 2026 की बताई गई है, जबकि प्राथमिकी 17 सितंबर को दर्ज कराई गई। इस छह दिन के विलंब का स्पष्ट कारण तहरीर में नहीं बताया गया है। अधिवक्ताओं ने यह भी तर्क रखा कि प्रारंभिक प्राथमिकी में यौन अपराध से संबंधित धाराओं का उल्लेख नहीं था। शुरुआत में बीएनएस की धारा 87 और 137(2) के तहत मुकदमा दर्ज हुआ था। बाद में विवेचना के दौरान बीएनएस की धारा 64(1) और पाक्सो एक्ट की धारा 3/4 बढ़ाई गईं।बचाव पक्ष ने केस डायरी में दर्ज बयानों का हवाला देते हुए कहा कि पीड़िता ने अपनी उम्र लगभग 18 वर्ष बताई थी और आरोपी से जान-पहचान एवं दोस्ती होने की बात कही थी। इसके अलावा पुलिस रिपोर्ट में आरोपी का कोई आपराधिक इतिहास नहीं बताया गया। आरोपी तीन अक्टूबर 2026 से न्यायिक हिरासत में था।
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने आरोपी की जमानत अर्जी स्वीकार करते हुए निर्धारित शर्तों के अधीन रिहाई का आदेश दिया। इस केश को लेकर अधिवक्ताओं के बौद्धिकतर्क की हरहुआ ब्लाक क्षेत्र में दिन भर चर्चा रही।वहीं स्थानीय लोगों ने बधाई दी।
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