पंकज कुमार पाठक,दैनिक समाज जागरण
पदमा (प्रखंड) – महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से शुरू की गई मैया सम्मान योजना पदमा प्रखंड में अव्यवस्था और लापरवाही की शिकार होती नजर आ रही है। योजना के तहत लाभ पाने वाली महिलाओं को जहां समय पर राशि नहीं मिल पा रही है, वहीं नए आवेदन करने वाली महिलाओं के लिए भी भविष्य धुंधला दिखाई दे रहा है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार योजना के क्रियान्वयन में शुरू से ही भारी अनियमितताएं देखी जा रही हैं। किसी लाभुक को अब तक केवल एक किस्त मिली है, तो किसी को दो या तीन किस्तें ही प्राप्त हुई हैं। कई महिलाओं के खातों में अगस्त माह तक ही राशि आई, उसके बाद से भुगतान पूरी तरह बंद है। इससे महिलाएं आर्थिक तंगी से जूझने को मजबूर हैं।
एक लाभुक महिला ने बताया कि “कुछ महीनों तक पैसा आया, फिर अचानक बंद हो गया। न कोई सूचना दी गई और न ही कोई जवाब मिलता है।”
स्थिति तब और गंभीर हो जाती है जब यह सामने आता है कि प्रखंड स्तर पर शिकायत दर्ज कराने के लिए कोई प्रभावी व्यवस्था मौजूद नहीं है। महिलाएं कार्यालयों के चक्कर काट रही हैं, लेकिन उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हो पा रहा है। वहीं, मैया सम्मान योजना की आधिकारिक वेबसाइट भी बीते कई महीनों से बंद पड़ी है, जिससे लाभुकों और आवेदकों की परेशानी और बढ़ गई है।
उल्लेखनीय है कि कई ऐसी महिलाएं भी हैं जिन्होंने हाल ही में इस योजना के लिए नए आवेदन दिए हैं, लेकिन अब तक उन्हें योजना का लाभ मिलने के कोई आसार नजर नहीं आ रहे हैं। न तो उनके आवेदन की स्थिति स्पष्ट है और न ही आगे की प्रक्रिया को लेकर कोई जानकारी दी जा रही है।
इस पूरी स्थिति को लेकर महिलाओं में गहरा आक्रोश और निराशा है। उनका कहना है कि यदि शीघ्र ही भुगतान व्यवस्था को दुरुस्त नहीं किया गया और शिकायत निवारण के लिए ठोस मंच उपलब्ध नहीं कराया गया, तो यह महत्वाकांक्षी योजना अपने उद्देश्य से भटक जाएगी।
अब देखना यह है कि प्रशासन कब जागता है और मैया सम्मान योजना से जुड़ी महिलाओं की समस्याओं का समाधान कब तक होता है।



