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जाम की समस्या अब शहर की दिनचर्या में शामिल हो चुकी

वीरेंद्र चौहान, समाज जागरण ब्यूरो किशनगंज।
किशनगंज नगर परिषद क्षेत्र में जाम कि समस्या जटिल होती जा रही है। शहर में पश्चिम पाली, चूड़ीपट्टी, डे मार्केट, गुदरी बाजार समेत अन्य मुख्य मार्गों में लगने वाले जाम से लोगों के लिए परेशानी का सबब बना हुआ है। प्रतिदिन लोग जाम की समस्या से परेशान हो रहे हैं। दरअसल शहर में जगह-जगह सड़क पर सब्जी मंडी एवं अन्य वस्तुओं की दुकान सजाकर अतिक्रमण कर रखे हैं। शहर में बड़े-बड़े मॉल एवं दुकानें हैं, जो अपने ग्राहकों के लिए गाड़ी रखने के लिए पार्किंग नहीं रखे हैं। जो ग्राहक सड़क पर ही बाइक एवं गाड़ियां खड़ी कर खरीदारी करते हैं। छोटी- बड़ी दुकानदारों ने भी रोड पर दुकान सजा कर अतिक्रमण कर रखे हैं। ई रिक्शा की भी संख्या काफी बढ़ गई है।

हर महीने डीएम की अध्यक्षता में सड़क सुरक्षा समिति की बैठक होती है। लगातार तीन वर्षों से शहर में बढ़ रही ई-रिक्शा से होने वाली समस्या से निजात के लिए बैठक में नीतियां भी तय होती रही है। जिम्मेदार बैठक में आश्वस्त भी करते रहे हैं कि सात दिनों में स्टैंड बन जाएगा। ई रिक्शा का नंबरिंग व रूट चार्ट भी तैयार कर लिया गया है, लेकिन बैठक से बाहर निकलते ही जिम्मेदार अपनी जिम्मेदारी भूल जाते हैं या फिर इसके प्रति जानबूझकर रुचि लेना नहीं चाहते हैं। हद की बात ये है कि वरीय पदाधिकारियों का भी ध्यान इस ओर नहीं जाता है।

जाम की समस्या अब शहर की दिनचर्या में शामिल हो चुकी है। ऐसा कोई दिन नहीं – गुजरता है, जो जाम की समस्या नहीं रहती।
खासकर स्कूल – आने और जाने वाले बच्चे और गंभीर रूप से बीमार लोगों सहित जरूरी कार्य से बाहर निकलने वाले आम नागरिकों को जाम की समस्या झेलनी पड़ती है।

शहर में लगभग तीन हजार से अधिक ई रिक्शा का परिचालन होता है।लगभग पांच सौ से अधिक ई रिक्शा प्रतिदिन बंगाल से आती जाती है। ई रिक्शा चालक हर चौक चौराहे पर ही रुककर यात्रियों को चढ़ाने और उतारने का कार्य करते हैं। सड़क पर ई रिक्शा के ठहराव से अन्य वाहनों को गुजरने में जाम से
वाहनों की कतार लग जाती है और आगे पीछे निकलने की होड़ में जाम की समस्या उत्पन्न हो जाती है। सड़क सुरक्षा 3 वर्षों से योजना ही तैयार होती रही है।

हाल ही में नप अध्यक्ष इंद्रदेव पासवान की अध्यक्षता में नगर परिषद बोर्ड की बैठक हुई थी। बैठक में ई रिक्शा परिचालन को लेकर अहम चर्चा भी हुई थी। बैठक में प्रस्ताव भी लिया गया कि जल्द ही ई रिक्शा का नंबरिंग कर रुट चार्ट निर्धारित किया जाएगा। इसके साथ साथ बंगाल से आने वाली ई रिक्शा को बॉर्डर पर ही रोक दिया जाएगा, लेकिन यह निर्णय भी अबतक अमल से कोसों दूर है। वही नगर परिषद कार्यपालक पदाधिकारी प्रवीण कुमार से संपर्क करने पर फोन नहीं उठाया।


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