कलश यात्रा संग प्रारंभ हुई मां की प्राण प्रतिष्ठा का कार्यक्रम

समाज जागरण रंजीत तिवारी
वाराणसी।।
ब्रह्म महा विद्या मां श्री बंगला मुखी प्राण प्रतिष्ठा एवं हवनात्मक शत चंडी महायज्ञ का का शुभारंभ मंगलवार को गाजीपुर में हुआ।जिसमे पहले दिन कलश यात्रा और मंडप प्रवेश की पूजा संपन्न हुआ।कथा आगामी 27 जनवरी प्रसाद वितरण के साथ पूर्ण होगी।आचार्य डॉ शीतला प्रसाद त्रिपाठी ज्योतिषाचार्य के सानिध्य में पूजन कार्य चल रहा हैं।इस मौके पर उन्होंने कहा
हिंदू धर्म परंपरा में प्राण प्रतिष्ठा एक पवित्र अनुष्ठान है, जो किसी मूर्ति या प्रतिमा में उस देवता या देवी का आह्वान कर उसे पवित्र या दिव्य बनाने के लिए किया जाता है। ‘प्राण’ शब्द का अर्थ है जीवन जबकि प्रतिष्ठा का अर्थ है ‘स्थापना। ऐसे में प्राण प्रतिष्ठा का अर्थ है ‘प्राण शक्ति की स्थापना’ या ‘देवता को जीवंत स्थापित करना।


कार्यक्रम के दौरान महिलाओं द्वारा कीर्तन किया गया। शाम के समय भव्य श्रृंगार एवं अभिषेक कर विधि-विधान से आरती संपन्न हुई।इस धार्मिक आयोजन में पूरे गांव के साथ-साथ क्षेत्र के हजारों श्रद्धालुओं ने भाग लिया और भंडारे में भगवान का प्रसाद ग्रहण किया।


मुख्य पुजारी राजेंद्र पांडेय ने बताया
मां का मूर्ति स्थापना करने का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र में सुख और समृद्धि बनी रही,जिससे क्षेत्र के लोगों का विकास हर क्षेत्र में हो पाए इसी मनोकामना से मां की स्थापना किया गया।

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