मुजफ्फरपुर बिहार और असमिया लोक नृत्य ने दर्शकों को झूमने पर मजबूर किया
प्रयागराज।माघमेला क्षेत्र स्थित संस्कार भारती प्रयागराज के शिविर में चल रहे 11दिवसीय सांस्कृतिक उत्सव ‘अवलोकन तीरथराजु चलो रे-2026’ के अंतर्गत द्वितीय संध्या का आगाज हुआ कथा-कथन से ।वाचक थे इलाहाबाद विश्वविद्यालय के सेन्टर ऑफ मीडिया स्टडीज के प्रभारी धनंजय चौपड़ा।आपने माघमेला में गुम हुये बच्चे तथा एक महिला विनोदिनी की वास्तविक घटना को बड़ी ही रोचकता एवं सरल-सहज शब्दों में अभिव्यक्त की। आज के मुख्य अतिथि स्वामी जितेंद्रानंद सरस्वतीमैं दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया और अपने आशीष वचनों से दर्शकों को स्निग्ध किया।
मुजफ्फरपुर बिहार एवं आसाम के लोकनृत्यों ने अनूठी छटा के साथ दर्शक-पंडाल को हर्षोल्लास से भर दिया।
कार्यक्रम का गरिमापूर्ण संचालन किया शाम्भवी शुक्ला ने।डा•योगेन्द्र मिश्रा विश्वबन्धु,प्रेमलता मिश्र,डा•मधु शुक्ला, कलाकार रवीन्द्र कुशवाहा, दीपक शर्मा,सुशील राय,शम्भूनाथ श्रीवास्तव,राजेन्द्र मिश्र राजनजी, विशाल यादव एवं श्रेयस शुक्ला की गरिमापूर्ण उपस्थिति ने कार्यक्रम में चार चांद लगा दिए।
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