कालांवाली (सुरेश जोरासिया) मुख्यमंत्री पंजाब द्वारा राधा स्वामी डेरा के मुखी के बारे में दिया गया बयान घोर निंदनीय, आपत्तिजनक और करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था पर सीधा हमला है। यह बयान न सिर्फ एक धार्मिक-सामाजिक संस्था का अपमान है, बल्कि यह मुख्यमंत्री की अहंकारी, असंवेदनशील और विभाजनकारी सोच को भी उजागर करता है। एक संवैधानिक पद पर बैठा व्यक्ति अगर इस तरह की घटिया भाषा और ओछी मानसिकता का परिचय दे, तो यह पूरे पद की गरिमा को कलंकित करता है। संत-महापुरुषों और डेरों ने समाज को जोड़ने, मानवता और सेवा का संदेश दिया है—उन पर इस तरह के बयान देना जानबूझकर सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने की साजिश के अलावा कुछ नहीं है।
मुख्यमंत्री को चाहिए कि वे तुरंत बिना शर्त सार्वजनिक माफी मांगें। अगर ऐसा नहीं किया गया तो यह स्पष्ट हो जाएगा कि उनकी सरकार को न आस्था की चिंता है, न सामाजिक शांति की—बल्कि सिर्फ राजनीतिक घटियापन और तुष्टिकरण ही उनका एजेंडा है।
पंजाब की जनता इस अपमान को कभी स्वीकार नहीं करेगी और ऐसे बयानों का कड़ा जवाब समय पर दिया जाएगा: महेश कुमार आज़ाद (मंडल महामंत्री, भारतीय जनता पार्टी)



