कानपुर विशेष संवाददाता। त्योहारों पर साफ़ सफ़ाई अभियान पर ज़ोर कसने वाले शहर के जनप्रतिनिधि भी हुए मौन एवं बने अनभिज्ञ। पनकी नहर में आज हृदय को झकझोर देने वाला दृश्य सामने आया।त्योहारों पर लाखों रुपये खर्च कर छठ घाटों का सुंदरीकरण तो किया गया, किंतु त्योहार खत्म होते ही सच्चाई पानी में बहती नजर आई।नहर में मिली गायों की लाशें, किनारे पर पसरी गंदगी और ऊपर लहराते सियासी बैनर हुआ बेपर्दा! नगर निगम की घनघोर लापरवाही और अनियमिताएं देखी जा सकती हैं,नहर की बदहाल सूरत पर बड़ा सवाल बना हुआ है। क्या समाज की भक्ति केवल त्योहार वाले दिन तक सीमित, साफ़ सफ़ाई अभियान सिर्फ़ त्योहारों तक ही सीमित रह गया है। बल्कि बिहारी बाटी चोखा के बगल में अवैध टैंकर कारोबारियों का नहर की ज़मीन पर कब्ज़ा, जिम्मेदार क्षेत्रीय अधिकारी हुए मूकबधिर अर्थत मौन। मृत पशुओं का बहना, कचरे से पटे हुए घाट और प्रशासनिक लापरवाही, यह दृश्य सिर्फ गंदगी नहीं, समाज और सिस्टम दोनों की संवेदनहीनता का आईना है दर्शाती है। पनकी नहर की दुर्दशा पर अब उठ रहे हैं गंभीर सवाल आखिर कब जागेंगे जिम्मेदार, विभागों की कार्यशैली पर भी निशाना स्थानीय लोगों में नाराज़गी,साफ सफाई व कार्यवाही सिर्फ़ छठ पूजा पर ही, क्या बाकी पूरे साल नगर निगम करता रहेगा यूँही ही नजरअंदाज व शहर की आम मजबूर जनता की जिंदगी से होता रहेगा खिलवाड़।



