समाज जागरण रंजीत तिवारी
रामेश्वर (वाराणसी)
स्वतंत्रता सेनानी नेताजी सुभाष चंद्र बोस के जन्मदिवस पर गुरुवार को तिवारीपुर गांव में परोपकार फाउंडेशन से जुड़े युवाओं ने उन्हें श्रद्धासुमन भेंट कर उन्हें नमन किया। संतोष कुमार ने कहा कि देश की आजादी के बाद भारत सरकार ने उन्हें वह सम्मान नहीं दिया जिसके वह हकदार थे। उन्होंने अंग्रेजों की गुलामी स्वीकार करने के बजाय आइसीएस की नौकरी छोड़, देश सेवा का प्रण लिया था। बी डी सी विशाल कुमार गुप्ता और मनीष पटेल ने कहा नेताजी स्वामी विवेकानंद तथा अरविद घोष को अपना आदर्श मानते थे। नेताजी ने दूसरे विश्व युद्ध में अंग्रेजों के विरुद्ध लड़ने के लिए जापान के सहयोग से आजाद हिद फौज का गठन किया। उनके द्वारा दिया नाराजय हिद देश का राष्ट्रीय नारा बन गया। तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आजादी दूंगा उनका यह नारा भी उस समय खूब प्रचलित हुआ। रविन्द्र सिंह पटेल ने कहा कि सुभाष चंद्र बोस वास्तव में वीर थे। जो अपनी मातृभूमि की खातिर अपना सर्वस्व त्याग दिया।कार्यक्रम में प्रीतेश त्रिपाठी,शिवराज पटेल,राज कुमार पटेल,बृजेश ,चंद्रकांत,गोविंद,सूरज, राजन दुबे,सहित अन्य युवा शामिल रहे।
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