पैथोलॉजी में फर्जी जांच का चल रहा गोरखधंधा
कई मरीजों को गलत रिपोर्ट की भुगतनी पड़ रही सजा
पैथोलॉजी की जांच गलत तो इलाज कैसे हो सही
वीरेंद्र चौहान, समाज जागरण ब्यूरो किशनगंज।
जिले में संचालित पैथोलॉजी का गोरख धंधा चरम पर है। फर्जी जांच रिपोर्ट देने का मामला प्रकाश में आया है। वही पीड़ित जिला पदाधिकारी को दिए गए आवेदन में बताया कि डाईगनॉस्टीक पैयोलोजी डॉ. बी. के. साहा.फरिमगोला किशनगंज
में ब्लड शुगर लेवल काफी अत्यधिक मात्रा (हाई लेवल) में दर्शाया गया। पीड़ित शारीरिक रूप से स्वस्थ हैं और किसी प्रकार की कोई शारीरिक समस्या नही थी व न है। उक्त पैथोलॉजी द्वारा जाँच रिपोर्ट का शुगर लेवल देखकर काफी मानसिक रूप से परेशान हो गया। उक्त रिपोर्ट पर पीड़ित को विश्वास नहीं हुआ जिस कारण पुनःदूसरे पैथोलॉजी सौम्या डायगनोस्टीक सेन्टर धरमशाला रोड किशनगंज में अपना ब्लड, शुगर जाँच करवाया जिसमें पीड़ित का शुगर लेवल को बिल्कुल सामान्य बताया गया। उक्त रिपोर्ट के आधार पर चिकित्सीय सहयोग लेकर दवाइयों का सेवन किया जाता तो और भी गम्भीर बीमारियों के चपेट में आ जाता एवं जान को खतरा भी बन सकता था। जो कि उक्त पैथोलोजी के गलत रिपोर्ट के आधार पर उनकी लापरवाही को दर्शाता है।
पीड़ित ने डाईगनॉस्टीक पैथोलोजी फरिंगगोला के विरूद्ध कठोर से कठोर कानूनी कार्रवाई करने की मांग किया है ताकि निरोगी व्यक्ति इस प्रकार के गलत रिपोर्ट के चपेट में आने से बच सके। वही मामले को लेकर मरीजों से इलाज के बहाने खून चूसने का धंधा किशनगंज जिले में जमकर फल-फूल रहा है। जिला के कई पैथोलॉजी में बीमारी की गलत रिपोर्ट दिखाकर मरीज को और अधिक बीमार बना दिया जा रहा है। जिसकी वजह से मरीजों को दोहरी खर्च के साथ मानसिक प्रताड़ना के दौर से गुजरना पड़ रहा है। इससे लैब संचालक अपनी आमदनी करते हैं। वहीं चिकित्सक बहती गंगा में हाथ धो लेते हैं। इधर मरीज गलत दवाई के सेवन से और अधिक बीमार पड़ जा रहा है। दरअसल, अन्य क्षेत्रों की तरह चिकित्सा भी अवैध कमाई का धंधा बन गया है। पैसा जैसे आए, आना चाहिए। लैब संचालक जहां इसके लिए जिम्मेदार हैं। स्वास्थ्य विभाग अक्सर जांच के नाम पर खानापूर्ति कर लेती है।
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