समाज जागरण
शहडोल। भारत सरकार के महत्वपूर्ण ‘तम्बाकू मुक्त युवा अभियान’ को बढ़ावा देते हुए, बुधवार को विवेकानंद पैरामेडिकल कॉलेज में एक भव्य पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। यह आयोजन युवाओं को तम्बाकू के विनाशकारी दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने और उन्हें स्वस्थ जीवन शैली अपनाने के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से किया गया था। इस कार्यक्रम में कॉलेज के छात्रों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और अपनी रचनात्मकता के माध्यम से समाज को एक सशक्त संदेश दिया।
प्रमुख अतिथियों ने बढ़ाया उत्साह
जागरूकता कार्यक्रम के दौरान, मंच पर जिले के प्रमुख स्वास्थ्य विशेषज्ञ और कॉलेज प्रबंधन उपस्थित रहे। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में ज़िला तम्बाकू नियंत्रण के नोडल ऑफिसर डॉ. पुनीत श्रीवास्तव और प्रतिष्ठित एपिडर्मिसयोलॉजिस्ट डॉ. अंशुमन सोनारे उपस्थित थे। उनके साथ, विवेकानंद पैरामेडिकल कॉलेज के डायरेक्टर डॉ. हरीश गुप्ता भी मौजूद रहे। अतिथियों ने अपने संबोधन में तम्बाकू से होने वाले गंभीर दुष्प्रभाव और स्वास्थ्य को होने वाले नुकसान पर प्रकाश डाला। डॉ. श्रीवास्तव ने विशेष रूप से युवाओं को बताया कि किस तरह तम्बाकू सिर्फ शारीरिक स्वास्थ्य ही नहीं, बल्कि सामाजिक और आर्थिक ताने-बाने को भी नुकसान पहुँचाता है। डॉ. सोनारे ने आँकड़ों के माध्यम से तम्बाकू जनित रोगों की भयावहता को स्पष्ट किया।
छात्रों ने कला से दिया सशक्त संदेश
प्रतियोगिता में छात्रों ने अत्यंत उत्साह के साथ हिस्सा लिया और तम्बाकू के खतरों को दर्शाते हुए एक से बढ़कर एक प्रभावी पोस्टर बनाए। निर्णायक मंडल के लिए सर्वश्रेष्ठ का चयन करना एक चुनौती थी, क्योंकि छात्रों की रचनात्मकता और संदेश की स्पष्टता उच्च स्तर की थी। प्रतियोगिता के परिणाम घोषित किए जाने पर, रिचा सेन ने अपनी उत्कृष्ट कलाकृति और संदेश के लिए प्रथम पुरस्कार हासिल किया। रामकृष्ण सोनी को उनकी प्रभावी प्रस्तुति के लिए द्वितीय पुरस्कार प्रदान किया गया, जबकि ओमेगा मरावी ने तृतीय पुरस्कार जीतकर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
स्टाफ की सक्रिय भागीदारी
इस सफल कार्यक्रम के आयोजन और संचालन में कॉलेज के वरिष्ठ स्टाफ सदस्यों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कॉलेज के सीनियर स्टाफ, जिनमें डॉ. नम्रता पटेल, राज किशोर दुबे, मनीष गुप्ता, उमेश सोंधिया, सरिता जायसवाल, प्रीति विश्वकर्मा, शिवानी सिंह राजपूत, सुधा राठोर, आरती राठौर, अंगद कुशवाहा, हर्षित मिश्रा और प्रियंका तिवारी शामिल हैं, ने कार्यक्रम को सुचारू रूप से संपन्न कराने में सहयोग दिया। कॉलेज प्रबंधन ने इस बात पर जोर दिया कि इस तरह के जागरूकता कार्यक्रम भविष्य में भी आयोजित किए जाते रहेंगे ताकि विवेकानंद पैरामेडिकल कॉलेज के छात्र-छात्राएं न केवल एक स्वस्थ जीवन जी सकें, बल्कि समाज में भी तम्बाकू मुक्ति का संदेश पहुँचा सकें। यह आयोजन तम्बाकू मुक्त भारत की दिशा में एक सकारात्मक कदम सिद्ध हुआ।



