समाज जागरण अनिल कुमार
हरहुआ वाराणसी।
माता – पिता और बच्चों की देखभाल करने वाले अभिभावकों के साथ पोषण व शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए समुदाय के साथ संवाद स्थापित कर अपने उत्तर दायित्वों का निर्वहन करेंगी प्रशिक्षित नवनियुक्त आंगनबाड़ी कार्यकर्त्रियां उक्त बातें जिला ग्राम्य विकास संस्थान परमानंदपुर में 19 दिसंबर से चल रहे नवनियुक्त आँगनबाड़ी कार्यकत्रियों के सात दिवसीय आवासीय आधारभूत प्रशिक्षण सत्र के समापन अवसर पर प्रशिक्षुओं को सम्बोधित करते हुए जिला प्रशिक्षण अधिकारी विमल कुमार सिंह ने कही।
प्रशिक्षण सत्र के दौरान आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को सम्बोधित करते हुए सत्र प्रभारी संजय कुमार ने कहा कि सात दिवसीय प्रशिक्षण सत्र के दौरान प्राप्त जानकारी के माध्यम से अपने कार्यक्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने का संकल्प लेकर जाएं सभी आंगनबाड़ी।
प्रशिक्षण कार्यक्रम के सात दिवसों में मास्टर ट्रेनर पुष्पा सिंह व अमर सिंह द्वारा प्रशिक्षुओं को आईसीडीएस विभाग का परिचय, लाभार्थियों को दी जाने वाली सेवाओं, आंगनबाड़ी की भूमिका, पोषण का महत्व, पोषक तत्वों के प्रकार, जीवन के सुनहरे एक हजार दिन, गर्भावस्था के दौरान मातृ पोषण, अनुपूरक पुष्टाहार, प्रधानमंत्री वंदना योजना, वृद्धि निगरानी, पोषण ट्रैकर एप्लिकेशन, डेली ट्रैकिंग, बाल मैत्री, स्वच्छता सुविधाओं का मानक आदि के बारे में जानकारी दी गई और विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से अभ्यास कराया गया।
प्रशिक्षण सत्र के दौरान जिला कार्यक्रम अधिकारी डी. के. सिंह व बाल विकास परियोजनाधिकारी द्वारा समय समय पर प्रतिभागियों का मारदर्शन किया गया।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में बाल विकास परियोजना नगर क्षेत्र से 08, हरहुआ से 20 व काशीविद्यापीठ से 20 इस प्रकार प्रथम सत्र में कुल चयनित 48 नवनियुक्त आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को प्रशिक्षित किया गया।
इस अवसर पर सुरेश तिवारी, नीरज कुमार, अजीत कुमार, निशा चौहान, मधुबाला, प्रियंका, श्वेता सिंह, पूजा, आंचल, सोनी, महिमा शुक्ला, सपना, सोनम, लालमनि, अल्का, सुमन, नेहा, खुशबू, प्रीती, अंतिमा, प्रगति, कोमल, सोनी, रानी, श्रृंखला, आकांक्षा, संतारा, मोनिका, ज्योति, अनपूर्णा, नीलू, रीतू, माधुरी, राधा, प्रतिमा आदि की उपस्थिति रही।



