विजय तिवारी
जैतहरी। माँ नर्मदा फ्लाई ऐश ट्रांसपोर्ट ऑनर एसोसिएशन द्वारा आगामी 1 जून 2026 को प्रस्तावित हड़ताल एवं चक्का जाम की चेतावनी के बाद HRC, Maple कंपनी और प्रशासनिक अमले में हलचल तेज हो गई है। एसोसिएशन ने साफ शब्दों में कहा है कि अब ओवरलोड परिवहन किसी भी कीमत पर न तो किया जाएगा और न ही होने दिया जाएगा।
एसोसिएशन की प्रमुख मांगों में दिन के समय नगर परिषद जैतहरी से लेकर पसान नगर परिषद क्षेत्र तक भारी वाहनों के आवागमन पर रोक, स्थानीय ट्रांसपोर्टरों को प्राथमिकता, सड़कों पर नियमित पानी का छिड़काव तथा आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना शामिल है। ट्रांसपोर्टरों का कहना है कि लगातार ओवरलोड वाहनों के संचालन से सड़कें खराब हो रही हैं, धूल प्रदूषण बढ़ रहा है और आम जनता की जान जोखिम में पड़ रही है।
एसोसिएशन ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि समय रहते इन गंभीर मुद्दों पर ठोस निर्णय नहीं लिया गया तो 1 जून को व्यापक स्तर पर चक्का जाम और धरना प्रदर्शन किया जाएगा। अब बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि क्या प्रशासन जनहित से जुड़े इन मुद्दों को गंभीरता से लेते हुए प्रदर्शन की अनुमति देगा, या फिर कथित प्रभावशाली लोगों और नेताओं के इशारों पर चल रहे इस खेल में आम जनता की आवाज एक बार फिर दबा दी जाएगी।
इस पूरे मामले को लेकर भाजपा के वरिष्ठ नेता अनिल कुमार गुप्ता से चर्चा की गई तो उन्होंने कहा कि एसोसिएशन द्वारा लिया गया निर्णय जनहित, सड़क सुरक्षा और आम लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखकर लिया गया है। उन्होंने कहा कि ट्रांसपोर्टरों ने अपने निजी हितों से ऊपर उठकर समाजहित में जो कदम उठाया है, वह सराहनीय है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि वे यूनियन और ट्रांसपोर्टरों की मांगों के समर्थन में खड़े हैं।



