तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी के टीएमयू हॉस्पिटल में रेडियोडायग्नोसिस विभाग के सीनियर रेडियोलॉजिस्ट प्रो. राजुल रस्तोगी ने यूरेशियन कांग्रेस ऑफ रेडियोलॉजी-2025 में थोरेसिक रेडियोलॉजी में डुअल-एनर्जी सीटी स्कैन और एमआरआई की भूमिका पर दिया व्याख्यान
तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी, मुरादाबाद के टीएमयू हॉस्पिटल में रेडियोडायग्नोसिस विभाग के पीजी रेजीडेंट्स डॉ. राज नाडा और डॉ. मुकुल मेहंदीरत्ता ने कजाकिस्तान के अस्ताना में 11वीं यूरेशियन कांग्रेस ऑफ रेडियोलॉजी-2025 में टीम-इंडिया के रूप में अंतर्राष्ट्रीय यूरेशियन रेडियोलॉजी रेजीडेंट क्विज में तीसरा स्थान हासिल किया। साथ ही दोनों ने अपने-अपने शोध पत्र भी प्रस्तुत किए। सम्मेलन में रेडियोलॉजी और इमेजिंग के क्षेत्र के दिग्गजों और वक्ताओं के साथ-साथ दुनिया के विभिन्न हिस्सों से लगभग 20 देशों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
टीएमयू हॉस्पिटल में रेडियोडायग्नोसिस विभाग के सीनियर रेडियोलॉजिस्ट प्रो. राजुल रस्तोगी ने यूरेशियन कांग्रेस ऑफ रेडियोलॉजी-2025 में थोरेसिक रेडियोलॉजी में डुअल-एनर्जी सीटी स्कैन और एमआरआई की भूमिका पर व्याख्यान दिया। प्रो. रस्तोगी ने बताया, ये दोनों ही उन्नत तकनीकें हैं, जो शुरुआती चरण में फेफड़ों की विभिन्न बीमारियों की पहचान करने में मदद कर सकती हैं। साथ ही ऐसी जानकारी प्रदान कर सकती हैं, जो सिंगल-एनर्जी सीटी स्कैन के जरिए प्राप्त नहीं की जा सकती हैं। डॉ. राजुल रस्तोगी राष्ट्रीय और अंतराष्ट्रीय स्तर पर 210 रिसर्च पेपर्स प्रकाशन के संग-संग 215 व्याख्यान और शोध प्रस्तुतियां भी दे चुके हैं। साथ ही 721 रिसर्च स्कॉर्ल्स गूगल साइटेशन ले चुके हैं।
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