उमरिया। संभागीय मुख्यालय से 7 किलोमीटर दूर घुनघुटी चौकी थाना पाली अंतर्गत आने वाले ग्राम अमिलिहा में तीन, चार जून की दरम्यानी रात हुई शिवदयाल शुक्ला की नृशंस हत्या ने पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल बना दिया है। इस घटना के बाद से मृतक के परिजनों तथा स्थानीय निवासियों में पुलिस की निष्क्रियता को लेकर आक्रोश व्याप्त है। लगभग एक महीने बीत जाने के बाद भी पुलिस हत्यारों का पता लगाने में नाकाम रही है, जिससे ग्रामीणों में असुरक्षा की भावना बढ़ रही है।
उमरिया जिले के थाना पाली चौकी घुनघुटी के अमिलिहा गांव के निवासी शिवदयाल शुक्ला की हत्या लगभग एक महीने पहले उनके घर में अज्ञात बदमाशों ने की थी। शिवदयाल का घर हाईवे के किनारे स्थित है, और वह एक किराना व्यापारी थे, अज्ञात आरोपीयों ने पहले घर में लूट की वारदात की और किराना व्यापारी की हत्या कर फरार हो गए थे, घटना के समय घर में शिवदयाल की बूढी मां मौजूद थी जो उस घटना के बाद से कुछ सुन बोल नहीं सकती है। दूसरे दिन जब सुबह उनका भतीजा घर पहुंचा तो दुकान बंद थी,दरवाजा खोल कर देखा तो शिवदयाल का शव खून से लथपथ दुकान के अंदर पड़ा था। जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई, घटना दिनांक से आज तक आरोपी नहीं पकड़े गए हैं। जिसके बाद से लोगों में काफी गुस्सा है। मृतक के परिजनों ने अपनी जान की सुरक्षा के चलते अपने घर को छोड़कर शहडोल में किराए के मकान में शरण ले ली है। घटना के बाद से गांव के लोग बेहद चिंतित हैं और उन्हें हर समय खतरे का एहसास हो रहा है।
स्थानीय निवासियों ने इस संबंध में आई जी को एक ज्ञापन सौंपा है, जिसमें उन्होंने मांग की है कि मामले की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए। गांव के एक वरिष्ठ नागरिक ने कहा, हम इस घटना से पूरी तरह से भयभीत हैं। हम अपनी सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं और चाहते हैं कि पुलिस जल्द से जल्द हत्यारों को पकड़कर हमें न्याय दिलाए।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि पुलिस की जांच में लापरवाही उनकी सुरक्षा के लिए खतरा बन गई है। ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया है कि घुनघुटी चौकी और पाली थाना की निष्क्रियता के कारण गांव के सभी निवासी असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। ज्ञापन में उल्लेखित है कि इस प्रकार की घटना की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए आवश्यक है कि उच्च स्तरीय जांच की जाए और दोषियों को दंडित किया जाए।
इस बीच, बुधवार को इस मामले में शहडोल आईजी कार्यालय के बाहर सैंकड़ों लोगों ने इकट्ठा होकर ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में उल्लेखित मांगों को लेकर सभी ने एक सुर में आवाज उठाई, हम न्याय की मांग करते हैं।
ग्रामीणों ने कहा हमें यह नहीं पता कि पुलिस इतना समय क्यों ले रही है। क्या हमारे जीवन की कोई कीमत नहीं है? उनकी बातों में गहरी चिंता और आक्रोश झलक रहा था।
जैसे-जैसे समय बीत रहा है, गांव के लोगों की परेशानियाँ बढ़ती जा रही हैं। इस भयावह घटना से प्रभावित लोग अब न्याय की उम्मीद लगाए बैठें हैं कि पुलिस शीघ्र ही इस मामले में ठोस कार्रवाई करेगी। पुलिस प्रशासन को चाहिए कि वे मामले की गंभीरता को समझते हुए त्वरित कार्रवाई करें और हत्यारों को सलाखों के पीछे डालें।
वहीं सूत्रों के अनुसार पुलिस को कुछ ठोस लीड मिला है जिसका सम्बन्ध कल्याणपुर से हो सकता है।
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