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एक करोड़ चौतीस लाख से दो पर्यटन स्थल का होगा कायाकल्प

राजगढ़ मीरजापुर / विकासखंड राजगढ़ क्षेत्र के बाबा सिद्धनाथ की दरी का होगा जल्द कायाकल्प। 2 साल से कायाकल्प का इंतजार झेल रहा बाबा सिद्धनाथ की दरी।उपेक्षाओं की मार झेल रहे जिले के आधा दर्जन पर्यटन स्थलों में बिल्ढम फॉल का चौतीस लाख तो बाबा सिद्धनाथ की दरी का एक करोड़ धन खर्च कर सैलानियों के लिए सुविधा की कवायद शुरू। मौके पर पहुंच कर अधिकारियों ने किया मुआयना।
जिले के प्रभागीय वन अधिकारी राकेश कुमार शनिवार की दोपहर बाबा सिद्धनाथ की दरी का निरीक्षण करने पहुंचे। जहां की दुर्व्यवस्था को देख चिंता जाहिर की।बताया कि फाल पर गंदगी का अम्बर लगा हुआ है।सड़क भी बदहाल स्थिति में मिली, फाल के पास ही ग्रामीण दुकानदारों द्वारा पान,गुटखा,सिगरेट बिक्री पर रोक लगाने के साथ वाहन स्टैंड के पीछे दुकान लगाने की हिदायत देने को कहा गया है।बाबा सिद्धनाथ के मंदिर में जाकर मत्था भी टेका।बातचीत के दौरान बताया कि इस फाल के काया कल्प के लिए डेढ़ वर्ष पहले प्रोजेक्ट बनाया गया था।परंतु पैसे के अभाव में विकास कार्य संभव नहीं हुआ।वन विभाग के इको टूरिज्म विभाग से एक करोड़ की लागत से जल्द ही गेट,कट स्टोन की सड़क,डेंजर जोन के लिए फिनिशिंग,पर्यटकों के लिए शौचालय, वाश रुम,चेंजिंग रुम,उनके बैठने के लिए सेड,और धूप बारिश से बचने के लिए बड़े सेड का निर्माण कार्य जल्द ही कराया जाएगा।यहां रोजाना 3 से 4 हजार पर्यटकों का आवागमन होता है।सफाई के लिए वन विभाग के वन क्षेत्राधिकारी और ठेकेदार अमन दीप को एक सप्ताह का समय दिया गया है।विभाग द्वारा सुंदरीकरण कराने से पर्यटकों की संख्या में इजाफा होगा।वही बिल्ढम फाल के सुंदरीकरण और विकास के लिए 34 लाख रुपए का धन शासन से मिल चुका है।जिससे उसके सुंदरीकरण हेतु चेंजिंग रुम,वास रुम,और शैलानियों के बैठने के लिए बड़े शेड का निर्माण कार्य की शुरुआत हो गई है।अहरौरा स्थित लखनीया दरी के निरीक्षण के बाद उसका भी कायाकल्प कराया जाएगा।
मौके पर वन क्षेत्राधिकारी आनंद शेखर उपाध्याय,अर्जुन राय,अरुण तिवारी के साथ अन्य वन कर्मी रहे।


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