लाखों रुपए की मुख्य द्वार बनाने वाली यूसीआईएल के अधिकारी गण सिर्फ इतना बता दिजिए आखिर कब तक आपकी सुरक्षा गार्ड को मिलेगी सुरक्षा?

सौरभ कुमार,दैनिक समाज जागरण,संवाददाता,झारखंड
जमशेदपुर (झारखंड) 07 अगस्त 2025:–तस्वीरों में दिख रहा व्यक्ति एक सुरक्षा गार्ड है। जादूगोड़ा के आस-पास कॉलोनी के अंतर्गत आपको हजारों ऐसी तस्वीर मिल जाएंगे जो पूरी जिंदगी देश की सेवा करने के बाद जादूगोड़ा यूसीआईएल कंपनी में सुरक्षा गार्ड के तौर पर अपनी सेवा दे रहे हैं। इनमें से बहुत सारे भूत पूर्व सैनिक भी है। अपनी परिवार की जिम्मेदारी को मजबूत कन्धों पर उठाकर रोज घंटे अपने ड्यूटी करते आ रहे हैं। कोई खुले मैदान में, कोई सड़क के किनारे, कोई वृक्ष के नीचे ड्यूटी करने पर मजबूर है। ड्यूटी पूरी ईमानदारी से करना अच्छी बात है, लेकिन सवाल है कि इस बरसात में इनका सुरक्षा के लिए क्या व्यवस्था है? टेंपरेरी के बेसिक पे अगर देखा जाए तो इन्हें उठने बैठने के लिए छत क्यों नहीं है? क्यों यह सुरक्षा गार्ड इस बरसात में भीगने को मजबूर है? उनके हिस्से सम्मान क्यों नहीं आता है? सुनने में अटपटा लग रहा होगा लेकिन कड़वा सच है उनकी जगह आप एक बार बैठ कर देखें। तब शायद आपको समझ में आएगा कि ड्यूटी को पालन करना कितना मुश्किल है जो छिप जाता है। इन सब के मामले में संज्ञान लेने वाले कौन से अधिकारी आते हैं? बारिश में भीगते हुए ड्यूटी को पूरा करते हुए यह सुरक्षा गार्ड को अगर आप देखोगे तो स्याही कलम का साथ छोड़ने के लिए मजबूर हो जाती है मानो मासूम सी आवाज अपने करुणा मय दर्द को छुपाने की कोशिश कर रहा हो ! आखिर क्या वजह है कि यूसीआईएल अब तक मौन बैठा है? इन गार्ड्स की सुरक्षा हेतु क्यों नहीं कुछ कर रहा है? यूसीएल कॉलोनी के बड़े-बड़े द्वार बनने की खबर तो अखबारों की सुर्खियां में बनी ही रहती हैं। सुरक्षा गार्ड्स के लिए बनी छत का खबर शायद कब अखबार में आएगा या देखने को मिलेगा? अब आगे यह देखना है कि खबर चलने के बाद अधिकारियों के कान में जूँ रेंगतें हैं या सिर्फ खाना पूर्ति होती है और इन सुरक्षा गार्ड्स की आंसुओं का दामन दर्द की कढ़ाई में परोस दिया जाता है !

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