हिंदू मुस्लिम एकता मंच ने राष्ट्रीय प्रेस दिवस पर पत्रकारों का किया सम्मान

उमरिया — राष्ट्रीय प्रेस दिवस के उपलक्ष्य में आज हिंदू मुस्लिम एकता मंच उमरिया द्वारा जिले के पत्रकार बंधुओं का सम्मान किया गया। हिंदू मुस्लिम एकता मंच के संस्थापक मो. असलम शेर, मंच के जिला संयोजक राजेंद्र कोल तथा मंच के अन्य सदस्यों ने शहर के पत्रकारों के घर–घर और कार्यालयों में पहुँचकर उन्हें माला पहनाकर अभिनंदन किया और राष्ट्रीय प्रेस दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ दीं।


राष्ट्रीय प्रेस दिवस का महत्त्व
हर वर्ष 16 नवंबर को मनाया जाने वाला राष्ट्रीय प्रेस दिवस, स्वतंत्र और जिम्मेदार प्रेस की भूमिका को सम्मान देने का दिन है। 1966 में इसी दिन भारतीय प्रेस परिषद अस्तित्व में आई थी, जो पत्रकारिता के उच्च मानकों की रक्षा करने और मीडिया को बाहरी दबावों व चुनौतियों से सुरक्षित रखने का कार्य करती रही है।
“बढ़ती गलत सूचनाओं के बीच प्रेस की विश्वसनीयता की रक्षा”
पत्रकारिता की सच्चाई, पारदर्शिता और ईमानदारी के महत्व को और मजबूत करता है।

हिंदू मुस्लिम एकता मंच के संस्थापक मो. असलम शेर ने कहा—पत्रकार समाज का आईना होते हैं। लोकतंत्र में प्रेस चौथा स्तंभ है, और उसकी स्वतंत्रता किसी भी देश की असली ताकत होती है। आज के समय में जब फेक न्यूज़ और भ्रम फैलाने वाली सूचनाएँ बढ़ रही हैं, ऐसे में सच्चाई और सत्यनिष्ठा को सबसे ऊपर रखना ही असली पत्रकारिता है। हिंदू मुस्लिम एकता मंच हमेशा पत्रकारों के सम्मान और सुरक्षा के पक्ष में खड़ा रहेगा।

हिंदू मुस्लिम एकता मंच के संयोजक राजेंद्र कोल ने कहा—राष्ट्रीय प्रेस दिवस केवल एक दिन नहीं, बल्कि उन पत्रकारों के समर्पण का सम्मान है जो हर परिस्थिति में समाज को सही जानकारी देते हैं। पत्रकारों की निडर और निष्पक्ष भूमिका लोकतंत्र को जीवित रखती है। हम सभी पत्रकार बंधुओं को हृदय से प्रणाम करते हैं और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हैं।
इस सम्मान कार्यक्रम का उद्देश्य जिले के पत्रकारों के प्रति आभार व्यक्त करना, उनके कार्यों का सम्मान करना और समाज में सत्य की रक्षा करने में उनकी भूमिका को रेखांकित करना था।

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