देश का केंद्रीय बजट लगातार उन्नत अर्थव्यवस्था को प्रदर्शित कर रहा है। वर्ष 2026 के केंद्रीय बजट में इस बात की झलक मिलती है, कि देश की अर्थव्यवस्था दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्था में से एक है। बजट 4 प्रमुख वर्गों पर केंद्रित है- गरीब, महिलाएं, युवा और अन्नदाता ये चारों अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। इस बजट में आम लोगों को राहत मिली है। खेल उपकरण, डायबिटीज और कैंसर की दवाएं, लेदर प्रोडक्ट्स, मोबाइल फोन, ईवी बैटरियां, माइक्रोवेव ओवन और सोलर पैनल सस्ते हुए हैं। जिससे इलाज, टेक्नोलॉजी और रोजमर्रा के खर्च में कमी आने की उम्मीद है। इस बजट में ए आई आधारित तकनीक के लिए सबसे ज्यादा फोकस किया गया है जो नई पीढ़ियों को रोजगार देगी और देश के अन्य वर्गों को इससे कई तरह की सुविधाएं मिलेंगी। आम जनमानस के जीवन में सुख-सुविधाएं बढ़ेंगी।
इस बजट में नगर निगमों द्वारा बॉन्ड जारी करने पर 100 करोड़ रुपये का प्रोत्साहन प्रस्तावित है। खेल क्षेत्र में बदलाव लाने के लिए खेलो इंडिया मिशन शुरू किया जा रहा है। SME के लिए 10,000 करोड़ रुपये का कोष रखा गया है। एवीजीसी क्षेत्र के विस्तार के लिए इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ क्रिएटिव टेक्नोलॉजीज को 15,000 स्कूलों और 500 कॉलेजों में कंटेंट क्रिएटर लैब्स स्थापित करने में मदद मिलेगी। सरकार का अनुमान है, कि राजकोषीय घाटा 2026-27 में 4.3% रह सकता है और कर्ज-जीडीपी अनुपात 55.6% प्रस्तावित है। कार्बन अवशोषण योजना के लिए 20,000 करोड़ रुपये रखे गए हैं, जो कि हमारी उन्नत अर्थव्यवस्था को प्रतिबिंबित करता है। पर्यटन और पर्यावरण को बढ़ावा देने के लिए हिमाचल, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर, अराकू वैली और पश्चिमी घाट को इको-फ्रेंडली बनाया जाएगा। ओडिशा, कर्नाटक और केरल में कछुआ ट्रेल्स बनाई जाएंगी। कृषि क्षेत्र में ‘भारत विस्तार’ नामक बहुभाषी AI टूल शुरू किया जाएगा, जिससे किसानों को स्मार्ट और आसान जानकारी मिलेगी। मोटर एक्सीडेंट क्लेम ट्रिब्यूनल से मिलने वाले ब्याज को आयकर और TDS से मुक्त कर दिया गया है। पशु चिकित्सा कॉलेज, अस्पताल और लैब के लिए पूंजी सब्सिडी योजना का प्रस्ताव है। साथ ही क्लाउड सेवाओं को 2047 तक टैक्स फ्री करने की घोषणा की गई।
कुल मिला कर यह कहा जा सकता है, कि यह बजट विकसित भारत 2047 की तस्वीर को प्रस्तुत करता है।
…… डॉ. विजय कुमार दीक्षित
सहायक प्राध्यापक- वाणिज्य
इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय (केंद्रीय विश्वविद्यालय) अमरकंटक, मध्यप्रदेश
Discover more from समाज जागरण
Subscribe to get the latest posts sent to your email.



