शहडोल। जिले में अवैध खनन और बेतहाशा ब्लास्टिंग का खेल थमने का नाम नहीं ले रहा है। विस्फोटक अधिनियम और DGMS के नियमों की खुलेआम अनदेखी करते हुए खदानों में बारूद का इस्तेमाल किया जा रहा है। हालात यह हैं कि भारी ब्लास्टिंग से आसपास के गांवों में घरों में दरारें पड़ रही हैं और ग्रामीण दहशत में जीने को मजबूर हैं।
सूत्रों के मुताबिक, राजस्थान से आया एक प्रभावशाली समूह स्थानीय बाहुबली क्रशर माफिया के साथ मिलकर जिले के विभिन्न क्षेत्रों में अवैध उत्खनन कर रहा है। दिन-रात चल रही ब्लास्टिंग से पहाड़ों का सीना छलनी हो रहा है, लेकिन पुलिस और प्रशासन को इसकी भनक तक नहीं है।
ग्रामीणों का कहना है कि तेज धमाकों से न सिर्फ मकान क्षतिग्रस्त हो रहे हैं, बल्कि जान-माल का खतरा भी बढ़ गया है। कई बार शिकायतों के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। वहीं जिम्मेदार अधिकारी मामले में जांच और कार्रवाई की बात कह रहे हैं।
अब सवाल यह है कि क्या प्रशासन सख्त कदम उठाएगा या फिर माफिया यूं ही कानून की आंखों पर पट्टी बांधकर पहाड़ों को खोखला करता रहेगा।



