UPPCL ने SMS के जरिए शुरू की सूचना, नियमित लोड होने पर अतिरिक्त मांग शुल्क से मिलेगी राहत
लखनऊ, 5 जुलाई। उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (UPPCL) ने बिजली उपभोक्ताओं के लिए महत्वपूर्ण व्यवस्था लागू की है। बिजली आपूर्ति संहिता-2005 एवं उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग (UPERC) के वित्तीय वर्ष 2025-26 के टैरिफ आदेश के तहत ऐसे उपभोक्ताओं का स्वीकृत विद्युत भार (Sanctioned Load) स्वतः पुनर्निर्धारित (रेगुलराइज) किया जा रहा है, जिन्होंने 1 अप्रैल 2025 से 31 मार्च 2026 के बीच बिलिंग अवधि में तीन बार स्वीकृत भार से अधिक बिजली लोड का उपयोग किया है।
UPPCL के अनुसार, ऐसे उपभोक्ताओं का नया स्वीकृत भार उनके द्वारा दर्ज की गई तीन अधिकतम डिमांड रीडिंग में से न्यूनतम रीडिंग के आधार पर निर्धारित किया गया है। नई व्यवस्था के तहत पहले जहां लोड बढ़ाने से पहले उपभोक्ता को सूचना दी जाती थी, वहीं अब लोड बढ़ने के बाद SMS के माध्यम से इसकी जानकारी भेजी जा रही है।
वर्तमान टैरिफ प्रावधानों के अनुसार, स्वीकृत भार से अधिक बिजली उपयोग करने पर अतिरिक्त मांग शुल्क (Excess Demand Charge) देना होता है। घरेलू उपभोक्ताओं के लिए यह शुल्क 100 प्रतिशत तथा गैर-घरेलू श्रेणी के उपभोक्ताओं के लिए 200 प्रतिशत की दर से लागू होता है। हालांकि, एक बार स्वीकृत भार नियमानुसार बढ़ जाने के बाद उसी सीमा तक बिजली उपयोग करने पर अतिरिक्त मांग शुल्क नहीं लगेगा।
UPPCL का कहना है कि उपभोक्ताओं के वास्तविक बिजली भार के अनुसार स्वीकृत लोड तय होने से बिजली लाइनों और ट्रांसफॉर्मरों की क्षमता का बेहतर विकास किया जा सकेगा। इससे ओवरलोडिंग कम होगी, ट्रांसफॉर्मर खराब होने की घटनाओं में कमी आएगी और उपभोक्ताओं को अधिक विश्वसनीय एवं बेहतर बिजली आपूर्ति उपलब्ध कराई जा सकेगी।
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