नोएडा भंगेल एलिवेटेड रोड के नीचे भारी अफरा-तफरी: फ्लाईओवर तेज़, नीचे ट्रैफिक ‘ठप’


फुट ओवरब्रिज होते हुए भी पैदल यात्रियों की लापरवाही से बढ़ा खतरा, सेक्टर-42 के खुले कट पर दुर्घटनाओं की आशंका तेज़



नोएडा। भंगेल एलिवेटेड रोड फ्लाईओवर शुरू होने के बाद भले ही 5.5 किलोमीटर का सफ़र अब मात्र 5 मिनट में पूरा हो रहा है, लेकिन फ्लाईओवर के नीचे की सड़कें रोजाना भारी जाम से जूझ रही हैं। फ्लाईओवर के दोनों तरफ स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है और पीक-ऑवर में हालात सबसे ज्यादा खराब हो जाते हैं।

🔶 तीनों दिशाओं से आने वाले वाहन बना रहे ‘ट्रैफिक कॉकटेल’

फ्लाईओवर से उतरते ही सेक्टर-82 मेट्रो स्टेशन, सेक्टर-81 और एनएसईजेड की ओर जाने वाले वाहनों का भारी मिश्रण जाम की बड़ी वजह बन रहा है। वहीं दूसरी ओर सेक्टर-42 स्थित पेट्रोल पंप के सामने बना खुला कट जाम और दुर्घटनाओं का नया ‘हॉटस्पॉट’ बन चुका है।

🔶 पैदल यात्रियों की खतरनाक हरकतें भी बढ़ा रही मुश्किल

फुट ओवरब्रिज होने के बावजूद कई पैदल यात्री वाहनों के बीच से दौड़कर सड़क पार करते हैं।

अचानक सामने आ जाने पर वाहन चालक गिर जाते हैं

गाड़ियों की आपसी टक्कर से झगड़े की नौबत आ जाती है

ट्रैफिक और भी अव्यवस्थित हो जाता है

ट्रैफिक पुलिस मौजूद है, लेकिन पीक-ऑवर की भारी भीड़ और लापरवाह ड्राइवरों की वजह से व्यवस्था बार-बार बिगड़ रही है।

🔶 सेक्टर-42 शनि मंदिर के पास बना खुला कट ‘दुर्घटनाओं का ज़ोन’

यह क्षेत्र लगातार दुर्घटना संभावित ज़ोन में बदल रहा है।
कारण—

पेट्रोल पंप में तेल भरवाने के लिए उल्टी दिशा में घुसते वाहन

अवैध रूप से लगी फल मंडी

लगातार कट से मुड़ने वाली गाड़ियाँ

इन वजहों से सेक्टर-46 और सेक्टर-50 की ओर जाने वाले वाहन घंटों धीमी रफ्तार से चलते हैं।

🔶 यू-टर्न की दूरी से बचने के लिए लोग ले रहे खतरनाक कट

फ्लाईओवर से उतरने के बाद दूर बने यू-टर्न तक जाने की बजाय ज्यादातर वाहन पेट्रोल पंप के सामने से ही गलत तरीके से मुड़ जाते हैं।
यही वजह है कि यहां

जाम बढ़ रहा है

टक्कर की संभावनाएँ बढ़ गई हैं

ट्रैफिक पुलिस पर दबाव लगातार बढ़ रहा है

🔶 स्थानीय लोगों की मांग — त्वरित कार्रवाई जरूरी

रहवासियों ने प्राधिकरण से मांग की है कि—

खुले कट को बंद किया जाए

अवैध फल मंडी हटाई जाए

अतिरिक्त ट्रैफिक पुलिस कर्मी तैनात हों

पैदल यात्रियों के लिए सख्ती की जाए

लोगों का कहना है कि यदि जल्द ठोस कदम नहीं उठाए गए तो यह क्षेत्र नोएडा का सबसे जामग्रस्त और दुर्घटना-प्रवण इलाका बन सकता है।

निष्कर्ष

फ्लाईओवर की रफ्तार भले ही बढ़ गई हो, लेकिन नीचे की अव्यवस्था ने लोगों की गति पर ब्रेक लगा दिया है। ज़रूरत है कि प्राधिकरण और ट्रैफिक पुलिस मिलकर इस पूरे क्षेत्र का पुनर्गठन करें, ताकि नोएडा की सड़कों पर यह रोज़-रोज़ का ‘महाजाम’ खत्म हो सके।

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