उत्क्रमित मध्य विद्यालय के शिक्षकों द्वारा अत्याचार के खिलाफ स्थानीय लोग एवं बच्चों ने किया विरोध प्रदर्शन

वीरेंद्र चौहान, समाज जागरण ब्यूरो किशनगंज।
जिला के कोचाधामन प्रखंड अंतर्गत डेरामारी पंचायत उत्क्रमित मध्य विद्यालय के शिक्षकों द्वारा अत्याचार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन ।बाभनगांव वार्ड नंबर 7 स्थित उत्क्रमित मध्य विद्यालय के शिक्षकों अत्याचार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया गया।यहां शिक्षकों द्वारा बच्चों के साथ मारपीट एवं शौचालय साफ करवाने जैसे कई गंभीर आरोप लगाते हुए अभिभावक समेत स्थानीय लोगों द्वारा विरोध प्रदर्शन करने एवं बच्चों को स्कूल नहीं भेजने का मामला प्रकाश में आया है।

मामला डेरामाड़ी वार्ड नंबर 07 उत्क्रमित मध्य विद्यालय बाभनगांव का है। जहां बड़ी संख्या में बच्चें स्कूल नहीं जा रहे हैं। वहां के बच्चों के अभिभावक एवं बच्चें समेत स्थानीय लोगों ने भी शिक्षक के खिलाफ स्कूल के मुख्य द्वार पर शिक्षक के मनमानी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करते हुए बताया कि उक्त विद्यालय के  में पढ़ाई नदारत है, बच्चों के साथ मार-पीट किया जाता है, भद्दी-भद्दी गालियां शिक्षक देते हैं। पढ़ाई के समय शिक्षक मोबाइल चलाते रहते हैं। स्कूल के बच्चों से शौचालय साफ-सफाई करवाया जाता है। ऐसे शिक्षकों का यहां से अविलंब स्थानांतरण होना चाहिए। वही स्थानीय ग्रामीण सुरेश सिंह ने बताया कि शिक्षक डांटते हैं ,तुम लोग घर से खाना खाकर नहीं आए हो क्या । सिर्फ यहां पर पेट पालने के लिए आते हो, बच्चों के साथ शिक्षक द्वारा तरह -तरह के अत्याचार किया जाता हैं ।जिस कारण बच्चें स्कूल नहीं जा रहे हैं।

वही विक्की कुमार ने बताया स्कूल में पढ़ाई नहीं होती है, शिक्षक द्वारा बच्चों के  साथ हमेशा मारपीट करते हैं। वही मोहन कुमार ने बताया की बच्चें गांव के कीचड़  खेलते  देखें गए और  पूछने पर बच्चों ने बताया शिक्षक मारपीट करते हैं शौचालय साफ करवाता है भद्दी-भद्दी गालियां देते है। शिक्षक पढ़ाते नहीं है औरत हमेशा मोबाइल चलाते रहते हैं। इसलिए स्कूल नहीं जा रहे है। वही मामले को लेकर उत्क्रमित मध्य विद्यालय के प्रधानाध्यापक अबू रेहान हैदर ने बताया कि हमारे विद्यालय में 269 बच्चे का नामांकित है । लेकिन गत सोमवार को मात्र 34 बच्चे आए जुलाई से पहले तक सभी बच्चें रेगुलर थे । बीते महीने विद्यालय में कुछ मामला हो गया था जिस कारण अभिभावक बच्चों को स्कूल नहीं भेज रहे हैं। बच्चों को शिक्षक के द्वारा अनुशासित करने के लिए बच्चों को डांट-फटकार लगाया जाता है जिस कारण अभिभावक बच्चों को स्कूल नहीं भेज रहे हैं। वहीं मारपीट शौचालय साफ-सफाई के मामले में बताया कि आरोप बेबुनियाद एवं निराधार है।
इस बाबत जिला शिक्षा पदाधिकारी नासिर हुसैन से बात करने पर बताया कि अभी व्यस्त हूं बाद में जबाव दिया जाएगा।

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