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उत्तर प्रदेश नाटक अकादमी लखनऊ और संकल्प संस्था ने मनाया प्रेमचंद की जयंती

शशिकांत ओझा ब्यूरो चीफ, दैनिक समाज जागरण

बलिया : उत्तर प्रदेश संगीत नाटक अकादमी लखनऊ और संकल्प साहित्यिक, सामाजिक एवं सांस्कृतिक संस्था बलिया के संयुक्त तत्वाधान में चल रहे हैं नाट्य कार्यशाला में मुंशी प्रेमचंद की जयंती मुरली मनोहर टाउन इंटर कालेज के सभागार में मनाई गई।
आयोजन में बतौर मुख्य वक्ता बोलते हुए डा. मंजीत सिंह ने कहा कि अतिथि बोलते हुए क्या बिगाड़ के डर से ईमान की बात नहीं करोगे ये कहने की हिम्मत और साहस प्रेमचंद को थी। प्रेमचंद उस युग में पैदा हुए जिस समय हमारा देश अंग्रेजी साम्राज्यवाद का गुलाम था दूसरी तरफ सैकड़ों वर्षो से चली आ रही सामंती मकड़जाल में हम फंसे हुए थे। प्रेमचंद दोनों ही स्तरों पर अपनी लेखनी को हथियार बनाकर लड़ रहे थे। पंकज सिंह ने कहा कि प्रेमचंद ग्रामीण जीवन के रचनाकार थे उनकी कहानियों में गांव के लोगों की सहजता और सरलता देखने को मिलती है । अध्यक्षता करते हुए कालेज के प्रधानाचार्य डा. अखिलेश सिन्हा ने कहा कि प्रेमचंद कालजयी रचनाकार थे । उनकी रचनाएं आज भी उतनी ही प्रासंगिक है जितनी उनके समय में थी । बल्कि आज उनकी प्रासंगिकता पहले से बढ़ गई है। संचालन कर रहे रंगकर्मी आशीष त्रिवेदी ने कहा कि प्रेमचंद इसलिए महत्वपूर्ण नहीं है कि उन्होंने किसानों , मजदूरों , दलितों और स्त्रियों के लिए लिखा बल्कि इसलिए महत्वपूर्ण है कि उन्होंने किसानों, दलितों , मजदूरों और स्त्रियों के पक्ष में खड़ा होकर लिखा । इस अवसर पर रंगकर्मी आनन्द कुमार चौहान, ट्विंकल गुप्ता, अनुपम पाण्डेय , विशाल, जन्मेजय , उमंग रामकुमार , अरविंद , ज्योति , कृष्ण कुमार यादव इत्यादि उपस्थित रहे।


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