वाराणसी। नगर निगम वाराणसी ने स्वच्छता और कचरा प्रबंधन को लेकर एक महत्वपूर्ण पहल की है। प्रजा फाउंडेशन की कार्यशाला के दौरान वाराणसी के पार्षदों ने ‘स्वच्छता दूत’ की भूमिका निभाने का संकल्प लिया और शहर में सोर्स सेग्रिगेशन (कचरे के पृथक्करण) को बढ़ावा देने पर जोर दिया।
चार रंगों के डस्टबिन पर दिया गया जोर
कार्यशाला में नागरिकों और जनप्रतिनिधियों को हरा, नीला, लाल और काला डस्टबिन के सही उपयोग के बारे में जागरूक किया गया। बताया गया कि घरों और सार्वजनिक स्थानों पर कचरे को अलग-अलग श्रेणियों में विभाजित कर निस्तारण करना ही स्वच्छ शहर की दिशा में सबसे प्रभावी कदम है।
स्वच्छता दूत बनने का संकल्प
कार्यक्रम में मौजूद पार्षदों ने संकल्प लिया कि वे अपने-अपने वार्डों में लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करेंगे और सोर्स सेग्रिगेशन को प्रभावी रूप से लागू कराने में सहयोग करेंगे।
नगर निगम की पहल
Nagar Nigam Varanasi द्वारा चलाए जा रहे इस अभियान का उद्देश्य शहर को स्वच्छ, सुंदर और पर्यावरण के अनुकूल बनाना है। निगम का मानना है कि नागरिकों की भागीदारी से ही स्वच्छता मिशन को सफल बनाया जा सकता है।
प्रजा फाउंडेशन की भूमिका
इस पूरी कार्यशाला का आयोजन Praja Foundation की ओर से किया गया, जिसमें स्वच्छता प्रबंधन और कचरा पृथक्करण के वैज्ञानिक तरीकों पर विस्तार से चर्चा की गई।
निष्कर्ष
नगर निगम की यह पहल न केवल स्वच्छता को बढ़ावा देगी बल्कि शहर में कचरा प्रबंधन प्रणाली को भी मजबूत करेगी। पार्षदों की सक्रिय भागीदारी से वाराणसी को स्वच्छ और मॉडल शहर बनाने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
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