
बिभूति भूषण भद्र : दैनिक समाज जागरण : झाड़ग्राम पश्चिम बंगाल
अखंड सौभाग्य की कामना के लिए महिलाओं ने शुक्रवार को वट सावित्री की पूजा की। पूजा के पश्चात महिलाओं ने बरगद के पेड़ के चारों तरफ पति के रक्षा का प्रतीक रक्षा धागा बांधा। इसके बाद वहां बैठकर सावित्री सत्यवान तथा भगवान यमराज की कथा सुनी गई। इस मौके पर विभिन्न जगहों पर बरगद के पेड़ की महिलाएं पूजा करती देखी गई। इस संवाददाता से बातचीत करने के क्रम में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के कमांडेंट राजेश कुमार की पत्नी रीमा कुमारी ने वट सावित्री पूजा के बारे जानकारी देते हुए बताया वट सावित्री व्रत सुहागिन महिलाओं के लिए बेहद खास होता है। इस दिन महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र के लिए उपवास कर व्रत रखती है। ये व्रत हर साल जेष्ठ अमावस्या के दिन रखा जाता है। इस व्रत में माता सावित्री और उनके पति सत्यवान की पूजा की जाती है। उन्होंने कहा इस दिन महिलाएं बरगद के पेड़ की पूजा उपासना करती हैं। यह व्रत विशेषकर पति की लंबी उम्र के लिए रखा जाता है। बरगद की शाखाओं और लटो को माता सावित्री का रूप माना जाता है। वट वृक्ष को ब्रह्मा विष्णु और महेश का स्वरूप माना जाता है। वट वृक्ष की पूजा करने से तीनों देवता प्रसन्न होते हैं और सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती है।
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