विवेकानंद जी के विचार कौशल विकास का मूल है।

समाज जागरण अनिल कुमार
हरहुआ वाराणसी।
शिएट महाविद्यालय गहनी, आयर, हरहुआ में विवेकानन्द जयंती पर विशेष व्याख्यान का आयोजन किया गया। विशेष व्याख्यान का शुभारंभ विवेकानन्द जी के चित्र पर माल्यार्पण व दीप प्रज्वलन के साथ हुआ।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ0 सन्तोष कुमार सिंह ने कहा कि – विवेकानंद जी के विचार कौशल विकास का मूल हैंl उनके जीवन से जुड़े प्रसंगों के माध्यम से हम तनाव प्रबंधन, आपदा प्रबंधन, समय प्रबंधन के साथ सभी तरह के प्रबंधन का गुण सीखते हुए अपने कौशल को विकसित करते हुए सफ़लता प्राप्त कर सकते हैं।


विशिष्ट वक्ता हिन्दी विभाग के डाॅ. सुरभि श्रीवास्तव ने कहा कि स्वामी जी के विचारों को जीवन में अपनाने की आवश्यकता है। उन्होंने चिंता व्यक्त किया कि ज्यादातर युवा बिना कठिन परिश्रम किये शॉर्ट कट द्वारा सफ़लता चाहते हैं यही कारण है कि वे मूल को समझ नहीं पाते और बिना मूल को समझे हम जीवन में कुछ बड़ा हासिल करना सम्भव नहीं है।
कार्यक्रम में डाॅ. पुष्पा मिश्रा, डाॅ. विनय कुमार सिंह, डाॅ. आलोक कुमार त्रिपाठी व चन्द्रशेखर सिंह ने स्वामी जी के ज्ञान और दर्शन पर अपने विचार व्यक्त की।
इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राध्यापक व
प्राध्यापिकाओं सहित विभिन्न कक्षाओं की छात्र/छात्राएं उपस्थित रहीं।
कार्यक्रम का संचालन डाॅ0 अरविन्द आर्या ने किया।

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