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टीएमयू में एक्सपर्ट्स बोले— वीआर तकनीक से हेल्थ एजुकेशन में आएगा क्रांतिकारी बदलाव

मुरादाबाद। तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी (टीएमयू) के कॉलेज ऑफ नर्सिंग में आयोजित दो दिवसीय हैंड्स ऑन ट्रेनिंग वर्कशॉप में विशेषज्ञों ने कहा कि वर्चुअल रियलिटी (वीआर) तकनीक हेल्थ एजुकेशन के क्षेत्र में क्रांतिकारी परिवर्तन ला रही है। एडवांसिंग हेल्थकेयर ट्रेनिंग थ्रू वर्चुअल रियलिटी थीम पर आधारित इस वर्कशॉप का आयोजन मेंटल हेल्थ नर्सिंग, चाइल्ड हेल्थ नर्सिंग और ओबीजी नर्सिंग विभाग द्वारा संयुक्त रूप से किया गया।



चेन्नई स्थित मेडीसिम वीआर के हेड ऑफ एकेडमिक इंगेजमेंट डॉ. आदित्य जोसेफ परंपिल एवं क्लिनिकल एजुकेटर श्री रोबिन मेंजमिन ने बताया कि वीआर तकनीक न केवल स्टूडेंट्स की सीखने की प्रक्रिया को बेहतर बनाती है, बल्कि उन्हें वास्तविक परिस्थितियों के लिए सुरक्षित तरीके से तैयार करती है। उन्होंने कहा कि वीआर एक रिस्क-फ्री प्रैक्टिस मॉडल है, जिसमें छात्र बिना किसी मरीज को नुकसान पहुँचाए आईसीयू, ऑपरेशन थिएटर और इमरजेंसी जैसी जटिल परिस्थितियों का अभ्यास कर सकते हैं।

एक्सपर्ट्स के अनुसार वीआर आधारित ट्रेनिंग से छात्रों की स्किल्स का तेजी से विकास होता है, साथ ही समय और धन की बचत भी होती है। भविष्य में यह तकनीक टेली नर्सिंग, मेंटल हेल्थ नर्सिंग, आईसीयू, ओटी, एनआईसीयू और साइकेट्रिक नर्सिंग प्रशिक्षण को और अधिक प्रभावी, किफायती एवं सुरक्षित बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

वर्कशॉप की शुरुआत मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई। प्रशिक्षण के दौरान स्टूडेंट्स और फैकल्टी को वीआर तकनीक के माध्यम से सीबीजी, इंजेक्शन, डॉक्यूमेंटेशन, मरीजों की देखभाल, आपातकालीन प्रबंधन और सर्जिकल प्रक्रियाओं का वर्चुअल अनुभव कराया गया। इंटरेक्टिव डेमो, लाइव सिमुलेशन और केस-आधारित लर्निंग गतिविधियों के जरिए छात्रों को practically प्रशिक्षित किया गया।

कार्यक्रम में नर्सिंग संकाय की डीन प्रो. एस.पी. सुभाषिनी, टीएमकॉन की प्राचार्या प्रो. जेसलीन एम., टीपीकॉन की प्राचार्या प्रो. श्योली सेन, वाइस प्रिंसिपल प्रो. रामनिवास, मेंटल हेल्थ नर्सिंग की एचओडी प्रो. सुमन वशिष्ठ, ओबीजी नर्सिंग की एचओडी प्रो. विजीमोल, चाइल्ड हेल्थ नर्सिंग की एचओडी प्रो. सपना सिंह सहित बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।

वर्कशॉप के अंत में स्टूडेंट्स ने कहा कि वीआर तकनीक से सीखने का अनुभव बेहद रोमांचक और उपयोगी रहा, जो पारंपरिक प्रशिक्षण विधियों से कहीं अधिक प्रभावी है।


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