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महिला का मान

राष्ट्रमंडल खेलों में कुश्ती से लेकर लान बाल तक में देश की बेटियों ने खूब तहलका मचाया।

हाल में संपन्न हुए बर्मिंघम राष्ट्रमंडल खेलों में भारतीय महिलाओं ने अपने आप को साबित किया है। आज हर स्तर पर महिलाओं ने तेजी से कदम बढ़ाए और नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं। राष्ट्रमंडल खेलों में भारतीय खिलाड़ियों ने इकसठ पदक जीते, जिनमे बाईस स्वर्ण, सोलह रजत और तीन कांस्य शामिल हैं। सबसे आनंददायक बात यह थी कि इनमें नौ स्वर्ण पदक सहित चौबीस पदक बेटियों के नाम हुए।

कुश्ती से लेकर लान बाल तक में देश की बेटियों ने खूब तहलका मचाया। लान बाल खेल के बारे में बहुत कम लोग जानते है, पर उसमें भी स्वर्ण जीतना अहम बात थी। हर खिलाड़ी ने अपने संपूर्ण कौशल का प्रदर्शन कर भारत को गौरवान्वित किया।इस प्रदर्शन से हम खुश हो सकते हैं, पर हमें अभी से आगे की योजना तैयार करनी होगी। बेटियों को ऐसा मंच देना होगा, जिससे वे अपनी प्रतिभा को निखार कर उसे एक बडे स्तर पर प्रस्तुत कर सकें। आज जैसा क्रिकेट का सम्मान है वैसा अन्य खेलों को नही है। कुछ खेल ऐसे हैं जिनके बारे में आम लोगों को जानकारी ही नही है, इसमें बड़े पैमाने पर सुधार किए जाने की जरूरत है।

खेलों को बच्चों के जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाना होगा। इस क्षेत्र में जो भी अपना भविष्य बनाना चाहता है, उसके लिए सरकार द्वारा एक विशेष पैकेज देने की आवश्यकता है। शहरों में खेलों में महिलाओं की स्थिति में काफी सुधार आया है, पर ग्रामीण स्तर पर महिलाओं में खेलों के लेकर जागरूकता का आभाव है। खेलों में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन तब तक संभव नहीं, जब तक महिलाओं की भागीदारी बराबर की न हो। न सिर्फ खेलो में, बल्कि जीवन के हर स्तर पर जब तक हम महिलाओं को बराबर का स्थान नहीं देते तब तक हमारा विकास और मानव सभ्यता अधूरी है।

शराब की बिक्री से सरकारों का खजाना भरता है। मतलब शराबी हैं तो सरकारें हैं। आम तकरीरों, लेखों, स्कूल-कालेजों में शराब की बुराई समझाई जाती है। सरकारें नारा देती हैं कि ‘शराब पीना स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है’, मगर भीतरखाने वही सरकारें मंथन करती रहती हैं की शराब की बिक्री कैसे बढ़े, ताकि राजस्व में बढ़ोतरी हो सके। एशिया के विकसित देश जापान की सरकार ऐसी प्रतियोगिता का आयोजन कर रही है, जिससे शराब की बिक्री बढ़ सके।

दरअसल, वहां 1995 की तुलना में शराब की बिक्री एक चौथाई घट गई है। सरकार अपने नागरिकों से ही सुझाव मांग रही है कि शराब काीखपत कैसे बढ़ाई जाए। लगता है, जापान में अब शराब की बोतलों पर वैधानिक चेतवनी को उलट कर यह लिखा जाएगा कि ‘शराब पीना स्वास्थ्य के उपयोगी है’।


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