समाज जागरण/ अनिल कुमार अग्रहरि
डाला/ सोनभद्र। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर डाला स्थित उपक्रम एजुकेशनल फाउंडेशन द्वारा जनपद के दो गाँव–पड़रछ ग्राम पंचायत के भालूकुदर तथा कोटा ग्राम पंचायत के सलईबनवा में विशेष कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस दौरान ग्रामीण एवं आदिवासी महिलाओं के साथ संवाद, सहभागिता और जागरूकता से जुड़े कई गतिविधियों का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम प्रबंधक अंकित मौर्य ने बताया कि भालूकुदर गाँव में पहली बार महिला दिवस का सामुदायिक आयोजन किया गया, जिसमें उपक्रम के तरुण्य युवा कार्यक्रम से जुड़े युवाओं ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कार्यक्रम के दौरान युवाओं ने महिलाओं को बैंक में जमा और निकासी फॉर्म भरने का तरीका सिखाया। ग्रामीण महिलाओं ने बताया कि अब तक बैंक जाने पर फॉर्म भरवाने के लिए उन्हें गार्ड या अन्य लोगों को 50 रुपये तक देने पड़ते थे। इस पहल से महिलाएं स्वयं फॉर्म भर सकेंगी और अनावश्यक खर्च से भी बच सकेंगी। कार्यक्रम के दौरान महिलाओं ने अपने जीवन के अनुभव साझा किए एवं स्वास्थ्य और पोषण से जुड़े प्रश्नोत्तरी सत्र में भाग लिया।
सलईबनवा गाँव में भी महिला दिवस को उत्साह के साथ मनाया गया। वरिष्ठ कार्यक्रम सहायक नूतन मेहरोत्रा ने बताया कि यहाँ महिलाओं के बीच आपसी सहयोग, आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विभिन्न गतिविधियाँ आयोजित की गईं। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीण महिलाएँ, किशोरियाँ और बच्चे शामिल हुए। प्रतिभागियों ने कहा कि ऐसे आयोजनों से महिलाओं को अपनी बात रखने और नई जानकारी सीखने का अवसर मिलता है। सलईबनवा गाँव में कार्यक्रम का संचालन कार्यक्रम समन्वयक तूलिका व सहायक प्रेमलता द्वारा किया गया।
सह संस्थापक चंद्र किरण तिवारी ने बताया कि संस्था का उद्देश्य ग्रामीण और आदिवासी समुदायों में शिक्षा, जागरूकता और नेतृत्व क्षमता को बढ़ावा देना है, ताकि महिलाएं और युवा अपने समुदाय के विकास में सक्रिय भूमिका निभा सकें। इस मौके पर तरुण्य कार्यक्रम के युवा अवधेश, दिनेश, पूनम, रूमा, पूजा, साजिद, विवेक, चंदन, रूबी, रंजु, रीता, अंजलि, सुनैना उपस्थित रहे।
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