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जमुना-कोतमा क्षेत्र में श्रमिकों का बीएमएस पर अटूट विश्वास, सदस्यता सत्यापन में फिर बना नंबर 1

कोतमा संवाददाता विशेष
जमुना-कोतमा क्षेत्र के श्रमिकों ने एक बार फिर अपने जनाधार से यह सिद्ध कर दिया है कि उनका भरोसा केवल उस संगठन पर है जो जमीन से जुड़ा है, संघर्ष करता है और हमेशा श्रमिकों की आवाज़ को बुलंद करता है वर्ष 2025 के श्रमिक सदस्यता सत्यापन में भारतीय मजदूर संघ (बीएमएस) ने शानदार जीत दर्ज की है और एक बार फिर सर्वाधिक 1040 सदस्यताओं के साथ नंबर एक की कुर्सी पर अपना परचम लहराया है

प्रतिस्पर्धा में एचएमएस को 806, इंटक को 308, एटक को 176 और नोटा (कोई नहीं) को 111 वोट प्राप्त हुए इन आंकड़ों ने स्पष्ट कर दिया कि बीएमएस न केवल मज़दूरों की पहली पसंद है, बल्कि उनके दिलों में गहराई से रचा-बसा संगठन है

इस ऐतिहासिक जीत पर भारतीय मजदूर संघ जमुना-कोतमा अपना क्षेत्र के अध्यक्ष विजय सिंह और महामंत्री रोशन उपाध्याय ने समस्त कर्मचारियों को धन्यवाद देते हुए कहा, “यह जीत केवल बीएमएस की नहीं, बल्कि हर उस श्रमिक की है जो अपने अधिकारों के लिए एकजुट होता है हम आपके विश्वास को ताकत में बदलेंगे, और एक-एक मुद्दे पर मज़बूती से खड़े रहेंगे

उन्होंने यह भी दोहराया कि आने वाले दिनों में संगठन न केवल श्रमिक हितों की रक्षा करेगा, बल्कि विकास और न्याय की नई राहें खोलेगा

संघर्ष और सेवा की जीत

बीएमएस की इस सफलता ने यह साबित कर दिया है कि संगठन से जुड़ाव केवल नारेबाज़ी से नहीं, बल्कि धरातल पर की गई मेहनत और निष्ठा से बनता है श्रमिकों ने अपने मत के ज़रिए यह संदेश दे दिया है कि वे खोखले वादों नहीं, बल्कि ठोस काम को प्राथमिकता देते हैं

स्थायित्व और नेतृत्व का प्रमाण

लगातार वर्षों से जमुना-कोतमा क्षेत्र में बीएमएस की बढ़ती ताकत केवल एक चुनावी आंकड़ा नहीं, बल्कि एक सामाजिक-आर्थिक आंदोलन का हिस्सा है जो श्रमिकों की गरिमा और अधिकार की रक्षा करता आया है और करता रहेगा


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