वीरेंद्र चौहान, समाज जागरण ब्यूरो किशनगंज।
किशनगंज अनुमंडल पदाधिकारी की अध्यक्षता में बाल विवाह मुक्त भारत अभियान को सफल बनाने के उद्देश्य से एक कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में सभी विद्यालयों के प्रधानाध्यापक, केबीओएलयू शिक्षा विभाग, बाल एवं महिला विकास निगम के पदाधिकारी शाहनवाज, तथा बाल कल्याण समिति की अध्यक्ष श्रीमती उषा देवी एवं सदस्य रचना कुमारी ने भाग लिया। बाल कल्याण समिति की भूमिका और कार्यों पर विस्तार से प्रकाश डाला गया।
इस अवसर पर राहत संस्था की सचिव डॉ. फरजाना बेगम ने वर्ष 2030 तक बाल विवाह मुक्त भारत अभियान को सफल बनाने का आह्वान किया। उन्होंने बाल विवाह से संबंधित कानूनों, विद्यालयों की भूमिका तथा शिक्षण संस्थानों द्वारा किए जाने वाले आवश्यक प्रयासों पर जानकारी दी।
जिला बाल संरक्षण इकाई के बाल संरक्षण पदाधिकारी एके सिंह ने बाल संरक्षण कानून, दत्तक ग्रहण (एडॉप्शन), परवरिश योजना एवं स्पॉन्सरशिप योजना की विस्तृत जानकारी दी और बताया कि इन योजनाओं का लाभ कैसे प्राप्त किया जा सकता है।
जन निर्माण संस्था के समन्वयक मुजाहिद आलम ने भी कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अभियान को सफल बनाने हेतु आपसी समन्वय और सामूहिक प्रयासों पर जोर दिया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे अनुमंडल पदाधिकारी ने सभी शिक्षकों एवं प्रधानाध्यापकों से अपील की कि वे एजेंट ऑफ सोशल चेंज बनें। उन्होंने कहा कि कोई भी बच्चा या बच्ची विद्यालय से ड्रॉपआउट न हो, इस पर विशेष ध्यान दें। यदि कोई छात्र ड्रॉपआउट हो रहा है तो यह जांच आवश्यक है कि कहीं वह बाल विवाह, मानव तस्करी या किसी अन्य सामाजिक कुप्रथा का शिकार तो नहीं हो रहा है। उन्होंने सभी से कानूनी दृष्टिकोण से कार्य करने तथा सरकारी एवं गैर-सरकारी संगठनों—जैसे राहत संस्था एवं जन निर्माण केंद्र—के साथ सहयोग करने की अपील की।
कार्यक्रम में राहत संस्था से यासमीन, विपिन बिहारी, बेबी नाज, जन निर्माण केंद्र से जफर, शिक्षा विभाग से प्रधानाध्यापक शमशाद अनवर, जिगर बैंक, सभी प्रखंडों के शिक्षा पदाधिकारी एवं प्रधानाध्यापक उपस्थित थे।
अंत में अनुमंडल पदाधिकारी द्वारा सभी उपस्थित लोगों को बाल विवाह मुक्त भारत के निर्माण हेतु शपथ दिलाई गई, ताकि वे अपने-अपने क्षेत्र में सक्रिय रूप से कार्य कर सकें।
Discover more from समाज जागरण
Subscribe to get the latest posts sent to your email.



