शशिकांत ओझा, ब्यूरो चीफ, समाज जागरण
बलिया : योग, प्राणायाम, व्यायाम व सुबह की सैर शरीर को मानसिक एवं शारीरिक रूप से स्वस्थ एवं सक्रिय रखने के लिए अत्यंत आवश्यक है। यह अभ्यास महज एक दिन का नहीं बल्कि प्रतिदिन का होना चाहिए। प्रत्येक व्यक्ति को योग के लिए कम से कम प्रातः जरूर कुछ समय निकालना चाहिए। इससे जहां शरीर में स्फूर्ति आती है, वहीं मानसिक ताजगी बनी रहती है। योग के पश्चात संपूर्ण दिनचर्या कुशलता से संपन्न होता है।
यह बातें सनबीम स्कूल के शिक्षक व जनपद के प्रसिद्ध साहित्यकार डॉ नवचंद्र तिवारी ने विश्व योग दिवस के पूर्व कही। भारतीय योग का महत्व व विशेषताएं इतना व्यापक है कि वर्तमान शासन के प्रयास से इसे कुछ वर्ष पूर्व ही संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा 21 जून को विश्व योग दिवस घोषित किया गया। इस दिन संपूर्ण विश्व में लगभग सभी योगासन करते हैं। वर्तमान जीवन शैली व आपाधापी में तमाम बीमारियां तनाव के साथ मनुष्य को ग्रसित कर रही हैं। इन सबों का समाधान भारतीय मनीषियों द्वारा प्रतिपादित योग में है। अतः निर्देशानुसार प्रत्येक व्यक्ति को प्रतिदिन योग करना चाहिए।
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