google-site-verification: google2b21991adbe5cec3.html

युवा पीढ़ी में बढ़ रहा नशीली पदार्थों के सेवन का आकर्षण

(सरकार को उठाने होंगे सख्त कदम तो अभिभावकों को रहना होगा सतर्क)

सुशील शर्मा
लोनी, 17 नवंबर: नशीले पदार्थों के मामले में सरकार द्वारा जो ढुलमुल नीति अपनाई जा रही है उसके चलते देश के बहुत से परिवारों का भविष्य निरंतर विनाशकारी अंधकार की गहरी खाई में समाता जा रहा है। आजकल युवा पीढ़ी में नशीले पदार्थों के सेवन का आकर्षण जिस कदर बढ़ता जा रहा है उसने उनके अभिभावकों की चिंता बढ़ना भी लाजमी है। आज बहुत से युवा तेजी से नशे की ओर आकर्षित हो रहे हैं जिसका अर्थ है कि वह हानिकारक पदार्थो या गतिविधियों के आदि हो रहे हैं। इसमें ड्रग्स, शराब, जुआ या स्मार्टफोन और सोशल मीडिया जैसी तकनीक का अत्यधिक उपयोग जैसी चीजे शामिल हो सकती है। यह एक चिंता जनक प्रवृत्ति है क्योंकि लत का उनके स्वास्थ्य, रिश्तों और भविष्य के अवसरो पर गंभीर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। जिसके चलते देश का उज्जवल भविष्य प्रभावित हो रहा है। 

     

इस गंभीर परिपेक्ष में बात प्रदेश की सबसे बड़ी नगर पालिका परिषद लोनी की करे तो यहां आस-पास क्षेत्र की सरकारी दुकानों (ठेको) पर मिलने वाली इंग्लिश/देशी शराब व गांजे के अलावा तंबाकू की विभिन्न कंपनियों के पाउच आदि खरीदने के लिए हजारों की तादाद में ऐसी छोटी-बड़ी दुकाने और स्टॉल उपलब्ध है जहां से आप अपनी मनपसंद का नशा खरीद सकते हैं। इसके अतिरिक्त यहां तमाम थाना क्षेत्रों के अंतर्गत विभिन्न कॉलोनियों में अवैध रूप से मादक पदार्थों की बिक्री जोर-शोर से हो रही है। यही नहीं शहर के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में भी यह आसानी से उपलब्ध हो जाता है। यही कारण है कि अन्य स्थानों की तरह यहां भी नशाखोरी की संख्या में अप्रत्यशित वृद्धि होती जा रही है। अनुमान के तौर पर कहा जा सकता है कि 80 से 90 प्रतिशत युवा पीढ़ी किसी न किसी रूप से नशे की गिरफ्त में हैं। 

         
गौरतलब हो कि राज्य सरकार द्वारा 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों को तम्बाकू सेवन पर रोक हैं। लेकिन इसके बावजूद उन्हें शराब, सिगरेट पान-गुटका आदि का सेवन करते देखा जा सकता है। गुटके का सेवन करना तो आज की युवा पीढ़ी का फैशन हो गया है जो इसे बेहिचक खाते हैं और अपनी मौत को स्वयं आमंत्रित करते हैं। ऐसे अनेक उदाहरण देखने में सुनने को मिल जाएंगे की गुटके के लगातार सेवन से मुंह एवं फेफड़े में विभिन्न प्रकार के रोग हो जाते हैं जो आगे चलकर कैंसर का रूप धारण कर लेते हैं।   

             
इस गंभीर परिपेक्ष में जरा भी गौर करें तो इस बात को झुठलाया नहीं जा सकता कि विभिन्न नशे की चपेट में आती युवा पीढ़ी खुद ही अपने देश को अस्वस्थ अनागद की ओर लेकर दौड़ती जा रही है जिस पर काबू पाना अति आवश्यक है। इसलिए देश के उज्जवल भविष्य की खातिर जहा सरकार को कोई उचित कदम उठाने की जरूरत है वही अभिभावकों को भी एक बदलाव के साथ अपने बच्चों पर नियंत्रण रखना ही होगा।

दैनिक समाज जागरण सुझाव

युवाओं के लिए यह महत्वपूर्ण है कि वे जोखिम के प्रति जागरूक रहे और यदि उन्हें लगे कि वह नशे की लत से जूझ रहे हैं तो मदद ले, क्योंकि इन चुनौतियों से उबर में उनकी मदद के लिए सरकारी और सामाजिक दोनों ही रूप में सहायता और संसाधन उपलब्ध है।


Discover more from समाज जागरण

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

🛍️ Today’s Best Deals

(Advertisement)