वीरेंद्र चौहान, समाज जागरण ब्यूरो किशनगंज।
अररिया जिला के सिमराहा थाना क्षेत्र अंतर्गत मदरगंज गांव निवासी रामानंद पासवान के 40 वर्षीय पुत्र मुन्ना पासवान किशनगंज मेडिकल कॉलेज से रहस्यमय परिस्थितियों में लापता हो गए हैं। घटना को 21 दिन बीत जाने के बावजूद अब तक प्राथमिकी दर्ज नहीं होने से परिजनों में गहरा आक्रोश है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार मुन्ना पासवान के दाहिने पैर में लगी रॉड को ऑपरेशन के माध्यम से निकालना था। इसके लिए उन्हें 29 जनवरी 2026 को किशनगंज मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया था। चिकित्सकों ने 3 फरवरी (मंगलवार) को ऑपरेशन की तिथि निर्धारित की थी।
परिजनों का आरोप है कि 30 जनवरी की मध्य रात्रि में, जब सभी लोग सो रहे थे, उसी दौरान मुन्ना पासवान शौचालय जाने के लिए वार्ड से बाहर निकले, लेकिन इसके बाद वापस नहीं लौटे। काफी खोजबीन के बावजूद उनका कोई पता नहीं चल सका। अस्पताल परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच में वे बाहर जाते हुए तो दिखाई दिए, लेकिन उसके बाद उनकी कोई गतिविधि दर्ज नहीं हुई।
घटना के बाद 31 जनवरी को परिजनों ने सदर थाना किशनगंज में गुमशुदगी का आवेदन दिया, जिसकी प्राप्ति रसीद 1 फरवरी 2026 की है। आरोप है कि आवेदन दिए जाने के बावजूद अब तक न तो एफआईआर दर्ज की गई और न ही पुलिस की ओर से कोई ठोस कार्रवाई की जानकारी दी गई है। परिजन तीन अलग-अलग तिथियों में थाना पहुंचकर गुहार लगा चुके हैं, लेकिन उन्हें केवल आश्वासन ही मिला है।
पीड़ित पिता रामानंद पासवान ने बताया कि अब तक पुलिस की ओर से किसी प्रकार की प्रगति से उन्हें अवगत नहीं कराया गया है, जिससे परिवार की चिंता और बढ़ गई है। उन्होंने किशनगंज के पुलिस अधीक्षक से मामले में हस्तक्षेप कर अविलंब प्राथमिकी दर्ज करने तथा उनके पुत्र की सकुशल बरामदगी सुनिश्चित करने की मांग की है।
इधर, पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर परिजनों में रोष व्याप्त है। परिवार का कहना है कि यदि समय रहते गंभीरता से कार्रवाई नहीं की गई तो स्थिति और जटिल हो सकती है। अब पूरा परिवार प्रशासन से न्याय की उम्मीद लगाए बैठा है।



