बीएनएमयू के पूर्व कुलपति प्रो. आर. पी. श्रीवास्तव होंगे सामान्य अध्यक्ष, एक दर्जन से अधिक शिक्षक एवं शोधार्थी करेंगे भागीदारी
भागलपुर ।
बिहार के दर्शन परिषद् का 46वां वार्षिक राष्ट्रीय अधिवेशन शनिवार, 21 दिसंबर 2024 से तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय (बीएनएमयू) की अंगीभूत इकाई मारवाड़ी महाविद्यालय, भागलपुर में आयोजित होगा। यह अधिवेशन तीन दिनों तक चलेगा और इसमें बीएनएमयू के पूर्व कुलपति प्रो. आर. पी. श्रीवास्तव की अध्यक्षता में महत्वपूर्ण चर्चाएं और विचार-विमर्श होंगे।
केंद्रीय विषय और भागीदारी:
इस अधिवेशन का केंद्रीय विषय ‘नारी, संस्कृति एवं प्रकृति’ रखा गया है, जिसमें विभिन्न शिक्षाविदों और शोधार्थियों के शोध-पत्र प्रस्तुत होंगे। इस अधिवेशन में भारत सरकार के अंतर्गत भारतीय दार्शनिक अनुसंधान परिषद्, नई दिल्ली द्वारा संचालित आठ व्याख्यानों में से एक, ‘सिया देवी, माधवपुर (खगड़िया) व्याख्यान’ डॉ. सुधांशु शेखर द्वारा प्रायोजित किया गया है। इस व्याख्यान के वक्ता होंगे, दर्शनशास्त्र विभाग, एलएनएमयू, दरभंगा के पूर्व अध्यक्ष प्रो. अमरनाथ झा।
संगोष्ठियाँ और शोध-पत्र प्रस्तुतियाँ
अधिवेशन में दो संगोष्ठियों का आयोजन भी किया जाएगा। पहली संगोष्ठी का विषय ‘भारतीय ज्ञान परंपरा’ होगा, जिसमें आरजेएम कॉलेज, सहरसा की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. प्रत्यक्षा राज और दूसरी संगोष्ठी ‘जीवन-प्रबंधन एवं नैतिक आचरण’ पर आधारित होगी, जिसमें सेवानिवृत्त शिक्षक डॉ. अनिल कुमार अपना शोध-पत्र प्रस्तुत करेंगे।
इसके अलावा, इस अधिवेशन में बीएनएमयू के लगभग एक दर्जन शिक्षक और शोधार्थी भी अपने शोध-पत्र प्रस्तुत करेंगे। इनमें बीएनएमयू के स्नातकोत्तर दर्शनशास्त्र विभाग के अध्यक्ष डॉ. रणधीर कुमार, बीएनएमभी कॉलेज, मधेपुरा के डॉ. प्रेम सुंदर प्रसाद, शोधार्थी सौरभ कुमार चौहान, शशिकांत कुमार, रतन कुमार मिश्र, डॉ. श्याम प्रिया, राजहंस राज, शक्ति सागर, चंदन कुमार, पवन कुमार, और नूतन कुमारी जैसे नाम प्रमुख हैं। ये सभी शिक्षक और शोधार्थी शुक्रवार की शाम या शनिवार की सुबह भागलपुर पहुंच जाएंगे।
आयोजन समिति और अतिथि गण
इस कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए मारवाड़ी महाविद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ. शिव प्रसाद यादव को आयोजन समिति का अध्यक्ष, दर्शनशास्त्र विभागाध्यक्ष डॉ. स्वस्तिका को संयोजक, असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. प्रज्ञा राय को आयोजन सचिव और विश्वविद्यालय दर्शनशास्त्र विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. राहुल कुमार को समन्वयक बनाया गया है।
अधिवेशन में विभिन्न अतिथियों की उपस्थिति भी सुनिश्चित की गई है, जिनमें अध्यक्ष प्रो. पूनम सिंह, उपाध्यक्ष प्रो. निर्मला कुमारी झा, प्रो. शैलेश कुमार सिंह, महासचिव डॉ. श्यामल किशोर, संयुक्त सचिव प्रो. किस्मत कुमार सिंह, प्रो. पूर्णेन्दु शेखर और प्रो. अवधेश कुमार सिंह, तथा कोषाध्यक्ष प्रो. वीणा कुमारी शामिल हैं।
यह अधिवेशन न केवल दर्शनशास्त्र के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण आयोजन होगा, बल्कि इससे क्षेत्रीय और राष्ट्रीय स्तर पर विचारों का आदान-प्रदान भी होगा, जो शैक्षिक और सांस्कृतिक दृष्टिकोण से अत्यंत लाभकारी साबित होगा।
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