जिले में गुणवत्ता की बड़ी परीक्षा: 29 व 30 अप्रैल को दो हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर का राष्ट्रीय निरीक्षण

वीरेंद्र चौहान, समाज जागरण ब्यूरो किशनगंज।
28 अप्रैल। ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं में गुणवत्ता, भरोसा और सुदृढ़ व्यवस्था को नई पहचान दिलाने की दिशा में किशनगंज जिला एक महत्वपूर्ण मुकाम पर पहुंच गया है। राज्य स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन कर चुके हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर (आयुष्मान आरोग्य मंदिर) अब राष्ट्रीय मानकों की कसौटी पर परखे जाएंगे। इसी क्रम में 29 अप्रैल को धंतोला तथा 30 अप्रैल को वल्दिया हाट हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर का राष्ट्रीय स्तर की मूल्यांकन टीम द्वारा निरीक्षण किया जाएगा।


यह निरीक्षण जिले की स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता, पारदर्शिता और प्रतिबद्धता की वास्तविक परीक्षा माना जा रहा है।
वल्दिया हाट हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर पहले ही राज्य स्तर पर राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक के अंतर्गत 79 अंक प्राप्त कर अपनी मजबूत पहचान बना चुका है। अब राष्ट्रीय स्तर पर चयनित होना इस उपलब्धि को और सशक्त बनाता है। वहीं धंतोला केंद्र का इस प्रक्रिया में शामिल होना दर्शाता है कि जिले के अन्य केंद्र भी तेजी से गुणवत्ता मानकों को अपनाते हुए आगे बढ़ रहे हैं।


सिविल सर्जन डॉ. राज कुमार चौधरी ने इसे जिले के लिए गर्व का क्षण बताते हुए कहा कि दोनों केंद्रों का राष्ट्रीय निरीक्षण के लिए चयन टीम की मेहनत और गुणवत्ता के प्रति प्रतिबद्धता का परिणाम है। उन्होंने भरोसा जताया कि दोनों केंद्र इस मूल्यांकन में बेहतर प्रदर्शन करेंगे।


जिला पदाधिकारी विशाल राज ने कहा कि यह निरीक्षण जिले के स्वास्थ्य तंत्र की मजबूती का प्रमाण है। पंचायत प्रतिनिधियों, स्वास्थ्यकर्मियों और आम नागरिकों के सहयोग से यह उपलब्धि संभव हो सकी है। उन्होंने कहा कि लक्ष्य है हर गांव में लोगों को उनके नजदीक ही गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना।


जिला गुणवत्ता आश्वासन समन्वयक सुमन सिन्हा ने बताया कि राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक के तहत स्वच्छता, दवा उपलब्धता, मरीजों के साथ व्यवहार, रिकॉर्ड प्रबंधन और सेवाओं की निरंतरता जैसे सभी पहलुओं का गहन मूल्यांकन किया जाता है। उन्होंने बताया कि टीम ने लगातार प्रशिक्षण, मार्गदर्शन और निगरानी के माध्यम से दोनों केंद्रों को पूरी तरह तैयार किया है।


राष्ट्रीय स्तर पर प्रमाणीकरण मिलने के बाद इन आयुष्मान आरोग्य मंदिरों को अतिरिक्त संसाधन और सहयोग प्राप्त होगा, जिससे ग्रामीणों को अपने ही क्षेत्र में जांच, उपचार, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाएं, गैर संचारी रोगों की स्क्रीनिंग और स्वास्थ्य परामर्श जैसी सुविधाएं आसानी से उपलब्ध होंगी। इससे दूर-दराज के अस्पतालों पर निर्भरता कम होगी और समय पर उपचार सुनिश्चित होगा।


वल्दिया हाट केंद्र पहले ही जिले के लिए एक आदर्श बन चुका है, वहीं धंतोला केंद्र भी उसी दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। 29 और 30 अप्रैल को होने वाला यह राष्ट्रीय निरीक्षण जिले के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर है, जहां गुणवत्ता, सेवा और विश्वास की नई दिशा तय होगी।

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