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“पैरा-स्पोर्ट्स का नया अध्याय – अटल बिहारी वाजपेयी दिव्यांग खेल प्रशिक्षण केंद्र और PEFI ने ऐतिहासिक एमओयू पर हस्ताक्षर किए”

भारत में पेरा खेलों की उत्कृष्टता और समावेशी खेल संस्कृति को बढ़ावा देने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल की गई है। भारत सरकार के सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग द्वारा संचालित अटल बिहारी वाजपेयी दिव्यांग खेल प्रशिक्षण केंद्र (ABVT-CDS), ग्वालियर और फिजिकल एजुकेशन फाउंडेशन ऑफ इंडिया (PEFI) के बीच नई दिल्ली में एक महत्वपूर्ण एमओयू (MoU) पर हस्ताक्षर हुए। इस ऐतिहासिक अवसर की गरिमा को और बढ़ाया विभाग के सचिव श्री राजेश अग्रवाल (IAS) की उपस्थिति ने। यह समझौता न केवल संस्थागत सहयोग का प्रतीक है, बल्कि भारत में समावेशी खेलों और पेरा-स्पोर्ट्स को वैश्विक स्तर तक ले जाने की दिशा में एक निर्णायक कदम भी है।

इस एमओयू का मुख्य उद्देश्य ABVT-CDS को देश में पेरा-स्पोर्ट्स का एक सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में स्थापित करना है। इसके अंतर्गत कोचिंग विशेषज्ञता का विकास, शैक्षणिक और अनुसंधान सहयोग को प्रोत्साहन, खेल अधोसंरचना का विस्तार और राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों का सफल संचालन शामिल है। इस पहल के माध्यम से पेरा एथलीटों को उच्च स्तरीय प्रशिक्षण, नवीनतम खेल विज्ञान पर आधारित रिसर्च और विश्व स्तरीय प्रतियोगिताओं में भाग लेने का अवसर प्रदान किया जाएगा। यह सहयोग भारत के दिव्यांग खिलाड़ियों को न केवल बेहतर मंच देगा, बल्कि उन्हें वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए भी तैयार करेगा।

एमओयू हस्ताक्षर समारोह के दौरान ABVT-CDS की ओर से निदेशक श्री विनीत सिंगल और उप निदेशक सुश्री पल्लवी राय उपस्थित रहे। वहीं PEFI की ओर से संस्थापक एवं राष्ट्रीय सचिव डॉ. पीयूष जैन और चेयरमैन डॉ. ए.के. उप्पल ने सक्रिय रूप से भाग लिया। इस अवसर पर दोनों संस्थानों ने इस बात पर बल दिया कि यदि दिव्यांग खिलाड़ियों को उचित संसाधन, सही मार्गदर्शन और अंतरराष्ट्रीय स्तर का मंच उपलब्ध कराया जाए, तो वे विश्व स्तर पर भारत का गौरव बढ़ाने में सक्षम हैं।

फिजिकल एजुकेशन फाउंडेशन ऑफ इंडिया और अटल बिहारी वाजपेयी दिव्यांग खेल प्रशिक्षण केंद्र के इस ऐतिहासिक सहयोग से देश में दिव्यांग खिलाड़ियों के लिए एक सशक्त और समावेशी खेल इकोसिस्टम तैयार होगा। यह पहल केवल एक समझौते तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक व्यापक दृष्टिकोण की शुरुआत है, जिसका उद्देश्य पेरा-स्पोर्ट्स को भारत की खेल संस्कृति का अभिन्न हिस्सा बनाना है। आने वाले वर्षों में यह साझेदारी दिव्यांग एथलीटों को बेहतर प्रशिक्षण, अनुसंधान और प्रतियोगी अवसर प्रदान करेगी और भारत को आधुनिक, समावेशी और वैश्विक स्तर की पैरा खेल संस्कृति के निर्माण की दिशा में अग्रणी बनाएगी।


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