उमरिया। पूर्व के महीने में आयोजित राष्ट्रीय शालेय फुटबॉल प्रतियोगिता (अंडर14) में शुरुआत से ही आयोजन कर्ताओं के ऊपर प्रतियोगिता के दौरान मनमानी करने और शासन से मिले बजट का बंदरबांट करने के आरोप लगते रहे हैं। जिस पर जिले के कलेक्टर के द्वारा मामले का संज्ञान लेते हुए एक सत्यापन समिति का गठन किया था। जिसके कारण नियम विरुद्ध और अनाप-शनाप बिलों को रोक दिया गया था। लेकिन अब एक बार फिर आयोजन कर्ताओ के द्वारा बजट को खुर्द बुर्द करने के लिए नया कुचक्र रचा जा रहा है।
राष्ट्रीय फुटबॉल प्रतियोगिता की शुरुआत से ही आयोजन कर्ताओं ने जिस तरीके से मनमानी करते हुए ना तो शासन की गाइडलाइन का पालन किया और ना ही भंडार क्रय नियमों का पालन किया, जिससे पूरी प्रतियोगिता विवाद की भेंट चढ़ गई। फिर चाहे वह प्रतियोगिता के दौरान देशभर के अलग-अलग राज्यों से आए खिलाड़ियों को आयोजन कर्ताओं के द्वारा घटिया और अमानक खाद्य सामग्री परोसने का मामला हो या आयोजन के बाद शासन के बजट भ्रष्टाचार करने का मामला हो,इस पूरे आयोजन में जिस तरीके से आयोजन कर्ताओ की मनमानी,शासन की गाइडलाइन की उपेक्षा और भंडार क्रय नियमों का उल्लंघन जैसे कई खबरें मीडिया में सुर्खियों पर रहे हैं।
इस बीच अब आयोजन कर्ताओं के द्वारा बजट का बंदरबाँट करने के लिए नया कुचक्र रचना शुरू किया है। इनके द्वारा अब इस बात को उठाना या बताना शुरू कर दिया है कि इस प्रतियोगिता के दौरान सामग्री व सामानों की सप्लाई करने वाले व्यापारी या काम करने वाले लोग भुगतान करने के लिए संबंधित विभागों के चक्कर लगा रहे हैं। जबकि ऐसा कुछ नहीं है, बल्कि आयोजन कर्ताओं के द्वारा बजट का बंदरबांट नहीं कर पाने की स्थिति में व्यापारियों के नाम से ऐसा कुचक्र रचा जा रहा है। इस मामले में सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक आयोजनकर्ताओं के द्वारा कुछ अपने अधीनस्थ कर्मचारियों, प्रिंसिपल से पुरानी तारीख में सामग्री सप्लाई या अन्य खर्चो के लिए कोटेशन मंगवाए जा रहे हैं। जिसके आधार पर बिलों का भुगतान किया जा सके, लेकिन यह सरासर नियम विरुद्ध है। इस पूरे मामले में भंडार क्रय नियमों का पालन किया जाना चाहिए था।
इस मामले में भाजपा के पदाधिकारी ने अतिरिक्त कलेक्टर को पत्र लिखकर शासन की राशि का बंदरबांट न किए जाने पर बार-बार चेताया गया। कई महत्वपूर्ण आपत्तियां कलेक्टर महोदय द्वारा बनाई गई कमेटी के पास लगाई गई है। लेकिन सूत्रों से जो जानकारी मिली है उसमें कुछ संलिप्त व्यक्तियों द्वारा नए सिरे से कागजों को तैयार कर इस प्रतियोगिता मे हुए व्यय को राज्य शासन के नॉर्म्स का पालन न करते हुए किसी भी कीमत पर उसे डकारने के प्रयास में हैं। शिकायतकर्ताओं ने बताया कि किसी भी प्रकार के भुगतान में अगर शासन के नियमों और प्रतियोगिता की नियमावली का पालन नहीं किया गया तो वह इस मामले को शासन स्तर पर उठाएंगे और वित्तीय अनियमितता के लिए ईओडब्लू के समक्ष शिकायत की जाएगी।
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