विश्वविद्यालय की अनियमिताओं को लेकर अभाविप ने कुलगुरु को सौंपा ज्ञापन

शहडोल। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने पं. शंभूनाथ शुक्ला विश्वविद्यालय में व्याप्त अनियमिताओं को लेकर विरोध जताते हुए कुलगुरु को ज्ञापन सौंपा। इस दौरान नगर मंत्री अमन त्रिपाठी ने बताया कि, छात्र हित को दृष्टिगत रखते हुए ज्ञापन में 8 सूत्रीय मांग शामिल है। जिन्हें 15 दिवस के अंदर संज्ञान नहीं लिया गया। तो अभाविप उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होगी। जिसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी विश्वविद्यालय प्रबंधन की होगी। ज्ञापन देते समय विभाग संगठन मंत्री सावन सिंह, विभाग संयोजक अखिलेश सिंह, अंजली पाण्डेय, शिवम वर्मा, प्रवास तिवारी, गरज सिंह, आकाश कुशवाहा, इशांत सिंह, प्रणव मिश्रा आदि सहित अन्य कार्यकर्ता एवं छात्र-छात्रा उपस्थित रहे।

यह रखी है मांगें

परिषद ने जिन 8 मांगों को ज्ञापन में शामिल किया है। उनमें- हाल ही में जारी पीजी प्रथम सेमेस्टर परीक्षा परिणाम में लगभग 70% छात्र–छात्राओं को पूरक व अनुत्तीर्ण कर दिया गया है। विश्वविद्यालय पुनः मूल्यांकन कर दोबारा रिजल्ट जारी करे एवं द्वितीय सेमेस्टर के परीक्षा फार्म भरने की तिथि भी दोबारा जारी की जाए। जिससे सभी विद्यार्थी परीक्षा फॉर्म भर सकें। विश्वविद्यालय के दोनों केंपसों में गर्ल्स कॉमन रूम नहीं है। जिसे तत्काल बनवाया जाए। एवं सेनेटरी वेंडिग मशीन लगवाई जाए। विश्वविद्यालय कार्य परिषद बैठक में खेल विभाग के खेल सामग्री एवं शहडोल स्थित कैंपस में खेल मैदान के चारों तरफ बाउंड्री वॉल की ऊंचाई बढ़ाने के लिए राशि का आवंटन होने के बाद भी आज दिनांक तक सुविधा व व्यवस्था अधूरी है। तत्काल खेल सामग्री मंगाई जाए एवं बाउंड्री वॉल की ऊंचाई बढ़ाई जाए। इसके साथ ही खिलाड़ियों को खेल भत्ता एवं टीमों को इंटर यूनिवर्सिटी खेलो में हिस्सा लेने के लिए भेजा जाए।

नवीन सत्र प्रारंभ हो चुका है। परंतु आज तक विश्वविद्यालय ने अपना वार्षिक कैलेंडर जारी नहीं किया। जिसे संज्ञान में लेते हुए वार्षिक कैलेंडर जारी किया जाए की मांग की गई है। ताकि, आगामी कार्यक्रम की जानकारी विद्यार्थियों को प्राप्त रहे। पर्याप्त प्रोफेसर होने के बाद भी नियमित क्लास नहीं लगाई जाती। संज्ञान लेते हुए नियमित क्लास प्रारंभ की जाए। एवं नियमित विद्यार्थी कक्षा में आएं, प्रबंधन द्वारा ऐसा प्रयास किया जाए। शहडोल स्थित कैंपस के रास्तों एवं पार्किंग स्थान पर गड्ढे हो चुके हैं। जिनमें पानी भर रहा है और विद्यार्थियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। मरम्मत कराई जाने की आवश्यकता बताई गई है। बीए की प्रवेश फीस में बिना किसी पूर्व सूचना 550 रुपए की वृद्धि की गई है। जिसे संज्ञान में लेते हुए विश्वविद्यालय प्रबंधन से फीस को वापस करने या नामांकन फीस में उसे ऐड करने की मांग है। विश्वविद्यालय के एग्रीकल्चर डिपार्टमेंट में पीने का पानी एवं स्वच्छता पर ध्यान दिया जाए, जैसे विषयों को शामिल किया गया है।

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