समाज जागरण अनिल कुमार
हरहुआ वाराणसी। लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए सबसे जरूरी होता है उसकी सही कार्ययोजना बनाना ताकि प्रगति का आंकलन हो सके।
उक्त बातें जिला ग्राम्य विकास संस्थान परमानंदपुर में उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन अंतर्गत चल रहे जनपद वाराणसी के विकास खण्ड काशीविद्यापीठ से चयनित ग्रन्थ संकुल समिति एवं अनोखी संकुल समिति के ईसी सदस्यों का तीन दिवसीय “वार्षिक कार्ययोजना-2” विषयक प्रशिक्षण सत्र के समापन अवसर पर प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए जिला प्रशिक्षण अधिकारी विमल कुमार सिंह ने कही।
उन्होंने कहा कि आप सभी प्रशिक्षण में दी गयी वार्षिक कार्ययोजना की अभिलेखीय जानकारी को अच्छी तरह से सीखें और इसे अपने संकुल समितियों में लागू करें।
प्रशिक्षण कार्यक्रम के तीन दिवसों में डिस्ट्रिक रिसोर्स पर्सन राजेश कुमार द्विवेदी व घनश्याम प्रजापति द्वारा कार्ययोजना बनाना, रणनीति, क्रियान्वयन, निगरानी, समीक्षा, मूल्यांकन करना आदि विषयों पर विस्तार से जानकारी दी गयी। इसके साथ ही साथ विभिन्न लक्षित आयाम जैसे मजबूत संगठन, शिक्षा, रोजगार, स्वास्थ्य, सरकारी योजनाओं तथा अधोसंरचना पर प्राथमिकता के अनुसार मुख्य संकेतक बिंदुओं पर की जाने वाली गतिविधियों को किस प्रकार निर्धारित समय पर पूरा करेगी और उसपर आने वाले खर्च का प्रबंधन कैसे और कहां से होगा आदि पर विस्तृत जानकारी दी गई जिस पर सभी उपस्थित ग्राम संगठनों के पदाधिकारियों द्वारा प्रस्तुतिकरण किया गया।
प्रशिक्षण में सत्र प्रभारी संजय कुमार, नीरज कुमार, पूजा कुमारी, बबिता, मीना देवी, निरमा, रंजना प्रजापति, गायत्री पाल, नीतू सिंह, उर्मिला देवी, अंजलि सोनी, मनीषा शर्मा, सीमा देवी, प्रीति पटेल, आरती देवी, माया देवी, पिंकी देवी, सावित्री देवी, श्रद्धा राय, आभा श्रीवास्तव, प्रमिला पटेल आदि सहित 10 से 15 अक्टूबर के मध्य आयोजित हुए दो सत्रों में 80 प्रतिभागियों की उपस्थिति रही। समापन अवसर पर सभी प्रतिभागियों को सर्टिफिकेट व ग्रुप फोटो वितरित सत्र का समापन हुआ।



