वीरेंद्र चौहान, समाज जागरण ब्यूरो किशनगंज।
किशनगंज नगर परिषद चुनाव से जुड़े दो पूर्व प्रत्याशी इम्तियाज नसर एवं दीपचंद रविदास ने पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार को आवेदन देकर गंभीर आरोप लगाया है कि उन्हें सुनियोजित तरीके से झूठे मुकदमों में फंसाने की साजिश रची जा रही है।
आवेदकों ने बताया कि इस संबंध में पहले से ही किशनगंज थाना में कांड संख्या-121/25 दर्ज है, जो वर्तमान में न्यायालय में लंबित है। उनका आरोप है कि इसी मामले को लेकर इन्द्रदेव पासवान उनके प्रति प्रतिशोध की भावना से ग्रसित हैं।
इम्तियाज नसर के अनुसार, 16 मार्च 2026 को नप अध्यक्ष इन्द्रदेव पासवान द्वारा सदर थाना, किशनगंज में एक नई शिकायत दर्ज कराई गई। इस शिकायत में उनके फेसबुक पोस्ट को आधार बनाते हुए SC/ST एक्ट, मानहानि, रंगदारी तथा शांति भंग जैसी गंभीर धाराओं में कार्रवाई की मांग की गई है।
इम्तियाज नसर और दीपचंद रविदास ने इन आरोपों को पूरी तरह निराधार और मनगढ़ंत बताते हुए कहा कि उनके सोशल मीडिया पोस्ट में किसी भी जाति अथवा अनुसूचित जाति के विरुद्ध कोई आपत्तिजनक टिप्पणी नहीं की गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनके पोस्ट केवल नगर परिषद के कार्यों में व्याप्त अनियमितताओं और जनहित से जुड़े मुद्दों पर आधारित आलोचना हैं, जो संविधान प्रदत्त अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के अंतर्गत आते हैं।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि वर्तमान समय में किसी व्यक्ति की कार्यशैली, जनहित के मुद्दों या जनता से जुड़े कार्यों पर सवाल उठाने मात्र से ही उसे डराने-धमकाने और चुप कराने के उद्देश्य से झूठे मुकदमों में फंसाने की साजिश रची जाती है, जो लोकतांत्रिक मूल्यों के लिए गंभीर चिंता का विषय है।
दोनों आवेदकों ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष, पारदर्शी एवं तथ्यपरक जांच कराई जाए। साथ ही, यदि शिकायत झूठी एवं दुर्भावनापूर्ण पाई जाती है, तो संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध विधि सम्मत कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
इस पूरे प्रकरण ने स्थानीय राजनीतिक हलकों में हलचल तेज कर दी है और अब सभी की नजरें पुलिस प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हैं।



