समाज जागरण
गोड्डा
मेहरमा जिस आंगनबाड़ी केंद्र में बच्चों की किलकारियां गुंजनी चाहिए, बच्चों को शिक्षा, पोषण से संबंधित जानकारी के साथ हीं कुपोषण से बचने के लिए पौष्टिक आहार मिलना चाहिए। उस भवन में मवेशी को खिलाने के लिए भूसा रखा गया है। यह तस्वीर कुछ ऐसा ही बयां कर रही है।मेहरमा प्रखंड अंतर्गत ढोढ़ा पंचायत के मेघनाथ गांव स्थित आंगनबाड़ी केंद्र संख्या 623 के भवन की यह तस्वीर है। जो स्थानीय लोगों के लिए भूसा रखने के काम आ रहा है। सेविका वंदना कुमारी ने बताया कि वर्ष 2019 में भवन का निर्माण हुआ है। तत्कालीन बीडीओ सह सीडीपीओ देवदास दत्ता की ओर से बड़े ही धूमधाम के साथ भवन का उद्घाटन किया गया था। बताया कि भवन पोषक क्षेत्र से बाहर बना दिया गया है।
भवन तक पहुंचने के लिए तालाब के बगल से रास्ता है, पास ही एक बांध है। इस कारण हमेशा यहां किसी अनहोनी की संभावना बनी रहती है।भवन में पेयजल की भी सुविधा भी नहीं है। इस कारण वह इस भवन में केंद्र का संचालन नही कर अपने घर पर ही केंद्र चलाती हैं। कहा कि इस संबंध में उनकी ओर से कई बार विभाग को पत्र लिखा गया। बावजूद कोई पहल नही की गई। अब सिस्टम पर सवाल उठना लाजिमी हो गया है कि वैसे जगह पर भवन का निर्माण हीं क्यों करा दिया जाता है। जहां केंद्र का संचालन हीं न हो पाए। इधर लोगों का कहना है की सेविका अपने सुविधा के लिए अपने घर पर केंद्र का संचालन करती है। ताकि वह खुलकर अपनी मनमानी कर सकें।



